फोटो : 33अनाज मंडी में लगा बाजरा का ढेर। संवाद
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) ने खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के तहत बाजरे की निजी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब प्रदेश की मंडियों में बाजरे की निजी खरीद जे-फॉर्म ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से होगी। इससे किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिलेगा।
अभी तक ई-खरीद पोर्टल पर व्यापारियों के लिए जे-फॉर्म का विकल्प नहीं आ रहा था। ऐसे में व्यापारियों के लिए भी परेशानी थी क्योंकि अगर वे सीधे खरीदते तो किसानों को भावांतर का लाभ नहीं मिल पाता। मगर अब जे-फॉर्म का ऑप्शन आने से किसानों को भी फायदा होगा।
अब आढ़तियों के लॉगिन में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है कि वे निजी खरीद के लिए जे-फॉर्म जनरेट कर सकेंगे। मंडी में उपज बिक्री के लिए ज्यादा किसान भी पहुंचेंगे। पहले ई-खरीद पोर्टल पर गेट पास जारी नहीं हो रहे थे। जब ये अपडेट हुए तो अब प्राइवेट में बिक्री के लिए व्यापारियों को जे-फॉर्म का विकल्प नहीं मिल रहा था। अब खरीद में वृद्धि होने की संभावना है।
270 से ज्यादा ई-खरीद गेट पास जारी
शहर की नई अनाज मंडी में 270 से ज्यादा ई-खरीद गेटपास जारी हुए। लगभग 3500 क्विंटल बाजरे की आवक रही। अब नई व्यवस्था से सोमवार को आवक बढ़ने की संभावना रहेगी। शनिवार को सरकारी एजेंसी ने एक भी ढेरी खरीद नहीं की। मानक पर खरा नहीं उतरने की बात कही है। हालांकि, कई ढेरियां क्वालिटी में बेहतर थीं, उनको भी नहीं खरीद किया। किसानों ने व्यापारियों को ही बाजरा बेचा। सरकार ने भावांतर भरपाई योजना (बीबीवाई) के अंतर्गत बाजरे का संशोधित खरीद मूल्य भी 50 रुपए बढ़ाकर 2200 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया है। पहले यह 2150 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था। जिसमें 625 रुपए भावांतर था, जबकि नए संशोधन में किसानों को प्रति क्विंटल पर 575 रुपये भावांतर मिलेगा।