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Rewari News: ट्रामा सेंटर में बढ़ेंगी सुविधाएं, उपकरण के लिए 79.20 लाख जारी

Sun, 16 Mar 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो: 04 रेवाड़ी। शहर का सर शादी लाल ट्रामा सेंटर। संवाद - फोटो : संवाद
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विशाल जैमिनी
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रेवाड़ी। हाईवे पर होने वाले हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवा देने के लिए ट्रॉमा सेंटर में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे। हाईवे से सटे औद्योगिक कस्बा बावल और धारूहेड़ा अस्पताल में भी जरूरी उपकरण खरीदे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी उपकरण खरीदने, मरम्मत, लैब के उपकरण व ब्लड बैंक में जरूरत की सामग्री खरीदने के लिए 79.20 लाख रुपये का बजट जारी किया है। उपकरण 30 मार्च तक खरीदने होंगे और स्वास्थ्य विभाग को इसकी रिपोर्ट 31 मार्च को देनी होगी।
हाईवे पर होने वाले हादसों में समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण अक्सर घायल की जान चली जाती है। हाईवे पर दुर्घटना होने के बाद घायल को पहले जिला अस्पताल में दाखिल करवाया जाता है। गंभीर हालत होने पर उसे पीजीआई रेफर किया जाता है। इस दौरान कभी अधिक खून बहने तो कभी सिर या शरीर के अंदर खून फैलने, जम जाने के कारण मरीज की जान चली जाती है। रेवाड़ी से रोहतक पहुंचने में डेढ़ से 2 घंटे या इससे अधिक का समय लग जाता है। ऐसे में गंभीर रूप से घायल मरीज की मौत होने की आशंका रहती है। अगर पीजीआई जैसी सुविधाएं स्थानीय अस्पताल में मिल जाए तो समय से उपचार कर घायल की जान बचाई जा सकती है।
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ट्रॉमा सेंटर में होती हैं ये सुविधाएं : ट्रॉमा सेंटर में गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कर्मी होते हैं। यहां 24 घंटे उपचार की सुविधा मिलती है। घायलों को तुरंत व प्रभावी तरीके से इलाज मिलता है। यहां सामान्य ओपीडी नहीं होती, सिर्फ इमरजेंसी ट्रीटमेंट ही मिलता है। ट्रॉमा सेंटर में गंभीर चोटों के इलाज के लिए विशेष संसाधन होते हैं। खून की उपलब्धता रहती है। सुविधाएं बढ़ेंगी तो इससे मौत और विकलांगता की आशंका कम होगी।

16 वर्ष बाद भी लेवल-3 पर अटका है ट्रामा सेंटर
शहर के सर्कुलर रोड पर स्थित ट्रॉमा सेंटर अपनी स्थापना के 16 वर्ष बाद भी लेवल-3 पर अटका हुआ है। यहां अपेक्षित सुविधाएं नहीं होने से अधिकतर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। अब सरकार ने ट्रॉमा सेंटर को लेवल 2 पर अपग्रेड के लिए रिपोर्ट मांगी है। वर्तमान में ट्राॅमा सेंटर में नागरिक अस्पताल जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं। इमरजेंसी में यहां आने वाले को रेफर स्लिप ही मिलती है। ट्रॉमा को अपग्रेड कर लेवल 2 का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

हर वर्ष सड़क हादसों में होती हैं मौतें
हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। सड़क दुर्घटना में 2020 में 271 लोगों की मृत्यु हुई थी और 631 घायल हुए थे। 2022 में 211 लोगों की मृत्यु और 500 लोग घायल हुए थे। 2023 में 227 लोगों की मौत और 514 लोग घायल हुए थे। 2024 में 210 लोगों की मृत्यु और 765 लोग घायल हुए थे। ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सा की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो हादसों में होने वाली मौतों की संख्या घटेगी।
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वर्जन
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों का तत्काल बेहतर इलाज करने के लिए योजना बनाई गई है। ट्रॉमा सेंटर में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। ट्रॉमा सेंटर में न्यूरो सर्जन और आईसीयू जैसी सुविधा मिलेगी तो पीड़ितों को और अच्छा इलाज मिल सकेगा। हमने यह प्रस्ताव बनाकर राज्य को भेज दिया है।- डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सीएमओ, रेवाड़ी।
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