धारूहेड़ा। धारूहेड़ा सेक्टर-4 स्थित आंबेडकर पार्क के नजदीक साइबर जागरूकता शिविर में पुलिस टीम ने आमजन, व्यापारियों और युवाओं को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए।
साइबर थाना से पीएसआई राहुल ने बताया कि साइबर ठग खुद को कूरियर कंपनी का प्रतिनिधि, कस्टम अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर फोन करते हैं। वे पार्सल में प्रतिबंधित सामान मिलने या किसी गैरकानूनी गतिविधि में नाम आने का डर दिखाते हैं।
इसके बाद व्हाट्सएप या स्काइप पर वीडियो कॉल कर पुलिस या सरकारी कार्यालय जैसा फर्जी माहौल बनाते हैं। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर जांच के नाम पर बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करवाते हैं।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फोन या वीडियो कॉल के जरिये किसी को हिरासत में रखने की कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन साझा न करें। संदिग्ध पार्सल या ट्रैकिंग लिंक से जुड़े संदेशों पर भी सावधानी बरतें।
पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।