हनी ट्रैप में फंसकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोपी शनिवार को जयपुर नहीं पहुंच सका। दिल्ली - जयपुर हाइवे पर कोटपुतली पहुंचते ही सीआईए के पास किसी ने फोन पर खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मी बताकर आरोपी के कोविड -19 पॉजिटिव होने की सूचना दी, इससे जांच एजेंसी में भी हड़कंप मच गया। आरोपी को वापस रेवाड़ी लाया गया, लेकिन यहां पर जांच रिपोर्ट देखी गई तो निगेटिव मिली। बता दें कि आरोपी महेश को जयपुर ले जाकर उसके द्वारा भेजी सूचनाओं व मोबाइल सहित अनेक दस्तावेज बरामद किए जाने थे। अब जांच एजेंसी महेश को सोमवार को जयपुर लेकर जाएगी। ऐसे में सवाल है कि आखिर भूलवश या फिर किसी साजिश के तहत आरोपी के पॉजिटिव होने की सूचना दी गई, ताकी जांच प्रक्रिया में बाधा हो सके।
जिला के गांव दखौरा निवासी महेश जयपुर स्थित मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है। 16 सितंबर की रात को दिल्ली - जयपुर हाईवे पर मिलिट्री इंटेलिजेंस, एसटीएफ हरियाणा व रेवाड़ी सीआईए ने महेश को पाकिस्तानी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। महेश पर आरोप है कि फेसबुक पर दोस्ती के बहाने पाकिस्तानी महिला के प्यार में फंसकर सेना सहित अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं पाकिस्तान को भेजी गई। जांच में महेश दो बार पैसे मिलने बात भी कबूल कर चुका है। आरोप यह भी है कि सेना के अफसरों की सूचनाएं भी महेश द्वारा दूसरे देश को भेजी जा रही थी। जांच एजेंसी अब उसके पंजाब के बैंक खाते सहित परिवार के खातों की भी जांच कर रही है। महेश सहित परिवार के सभी खातों को सीज करने की बात भी कही जा रही है।
दोबारा सोमवार को जयपुर जाएगी टीम : एसपी
रेवाड़ी एसपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि कोटपुतली पहुंचने पर किसी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मी बता आरोपी के पॉजिटिव होने की सूचना दी थी, लेकिन वापस रेवाड़ी पहुंचे तो रिपोर्ट निगेटिव मिली। आखिर सूचना किसने दी थी, इसकी भी जांच कराई जा रही है। अब टीम आरोपी को सोमवार को जयपुर लेकर जाएगी।