संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। स्थानीय मठ के पिछले हिस्से में स्थित जोहड़ का कायाकल्प करने के लिए 75 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बाद भी इसकी दशा नहीं सुधरी। इसमें विभिन्न मुहल्लों का गंदा पानी गिर रहा है।
पांच दशक पूर्व ग्रामवासियों ने खुद यह जोहड़ तैयार किया था। इसमें बरसात का पानी भरता था जो पशुओं के काम आता था। अब जोहड़ में गंदा पानी भरा रहता है। ऐसे में पशुओं के लिए बीमार होने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि सरकार ने लाखों रुपये खर्च किया, इसके बाद भी जोहड़ की दशा नहीं सुधरी। लोगों ने जल्द जोहड़ की सफाई करवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि गंदगी की वजह से बदबू फैली होती है जिससे लोगों को परेशानी होती है। संवाद
वर्जन
काम करवाने के बाद जोहड़ को पंचायत के हवाले नहीं किया गया है। जोहड़ की हालत जस की तस बनी हुई है।-रामकिशन, सरपंच, कोसली
तालाब का कार्य पंचायत राज के अंतर्गत आता है। यह काम पंचायत राज ही करवा रहा है।-अनीता यादव, बीडीपीओ
यह टेंडर से काम होना था, जो अभी पूरा नहीं हुआ है। काम चल रहा है। -नरेंद्र गुलिया, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज