संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को राजकीय विद्यालयों में दाखिला दिलाने के लिए प्रवेश उत्सव शुरू कर दिया गया है। इस दौरान खासतौर से तीन वर्षों से स्कूल नहीं गए बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है। रविवार को विद्यालय मुखिया और स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों डोर-टू-डोर दस्तक देकर बच्चों और अभिभावकों को जागरूक किया।
यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। जिन विद्यालयों में 11वीं में विज्ञान संकाय है, वहां आठवीं व दसवीं पास करने वाले विद्यार्थियों को स्कूलों में लाया जाएगा। इसको लेकर विशेष नामांकन अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत घर-घर प्रेरित करने के बाद बच्चों का दाखिला लिया जाएगा। शिक्षकों ने उन अभिभावकों से भी संपर्क साधा जिनके बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजकीय स्कूलों में पहली अप्रैल से दाखिल प्रक्रिया शुरू होगी। इसको लेकर विभाग की ओर से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पहली अप्रैल को ही परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा और इसी दिन अगली कक्षाओं में बच्चों का नामांकन करने के साथ पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा।
मॉडल संस्कृति स्कूल में बच्चों को दी जा रही विशेष सुविधाएं
शहीद दशरथ राजकीय माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पीथड़ावास के प्रेस सचिव विक्रम शास्त्री ने बताया कि घर -घर जाकर माॅडल संस्कृति विद्यालय के बारे में जानकारी दी जा रही है। इन विद्यालयों में हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ डिजिटल बोर्ड, हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी लैब, बायो लैब, कम्प्यूटर लैब, भौतिक लैब, रसायन लैब जीव विज्ञान लैब की सुविधा है। समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया जाता है। विद्यालय में एनएमएमएस छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है।
पांचवीं पास बच्चों का अगली कक्षा में होगा नामांकन
पांचवीं पास करने वाले विद्यार्थियों का अगली कक्षा में उसी दिन नामांकन किया जाएगा। जिन पांचवीं पास विद्यार्थियों के गांव में उच्च प्राथमिक स्कूल नहीं हैं, उस मामले में प्राथमिक स्कूल मुखिया दो अप्रैल को सभी पांचवीं पास कर चुके बच्चों को विद्यालय में बुलाकर दाखिला संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी करेंगे। पांचवीं से छठी कक्षा में विद्यार्थियों का स्थानांतरण 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। आठवीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों का स्थानांतरण भी 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है, क्योंकि नौवीं कक्षा में ही ड्राप आउट सबसे ज्यादा होता है। विशेषकर लड़कियां प्रभावित होती हैं। इसको लेकर बालिकाओं की पहचान करना अनिवार्य है, जिनके माता-पिता उन्हें नौंवी कक्षा में पढ़ाना नहीं चाहते हैं, उनसे विशेष आग्रह किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों का दाखिला करवाया जाए, ताकि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सके। कम छात्र संख्या से शिक्षा विभाग भी चिंतित है।
वर्जन
राजकीय विद्यालयों में प्रवेश उत्सव 30 अप्रैल तक चलेगा। विद्यालय मुखिया और स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य डोर-टू-डोर दस्तक देकर बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए प्रेरित करेंगे।-कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।