रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से विवेकानंद पुस्तकालय के सहयोग से सीएमआईई डेटाबेस के प्रभावी उपयोग पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न शिक्षण विभागों से लगभग 80 शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रो. बी. नरसिम्हन ने शोधार्थियों और शिक्षकों को ई-डेटाबेस एवं डिजिटल संसाधनों के अधिकतम प्रयोग के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के अनुसंधान क्षेत्र में डेटा आधारित अध्ययन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।
रिसोर्स पर्सन राजीव रंजन ने सीएमआईई डेटाबेस और प्रोवेस सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रतिभागियों को डेटा विश्लेषण की नवीन तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. सुंदर सिंह तंवर ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध ई-रिसोर्सेज और उनके शैक्षणिक उपयोग के तरीकों को विस्तार से बताया।
प्रो. हेमलता शर्मा ने प्राथमिक और द्वितीयक डेटा स्रोतों की उपयोगिता, उनकी विश्वसनीयता व उनसे संबंधित चुनौतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. राजेश कुमार ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। संवाद