संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले लगभग पांच माह से वेतन नहीं मिला है। इसके चलते उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी टेक्निकल दिक्कत का हवाला देकर वेतन लटकाया गया है जबकि केंद्र सरकार से बजट पहले ही जारी कर दिया है। वर्ष 2021 में डीसी रेट घटाकर फिक्स वेतन किए जाने से उनकी आय और कम हो गई। वर्तमान में 141 पदों में से 101 खाली पड़े हैं, जिससे कार्यभार बढ़ा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन और अन्य सुविधाओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।