संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हमारा परिवार संस्था की ओर से आशियाना वृद्धाश्रम में संस्कार निर्माण कार्यक्रम ‘आओ फिर से चलें सनातन की राह पर’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से प्रेरणा लेकर उन्हें जीवन में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही वर्तमान परिस्थितियों में दिन के समय विवाह और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
आशियाना वृद्धाश्रम के अध्यक्ष दिनेश राजपाल, मुख्य अतिथि पूर्व जिला आईएमए प्रधान डॉ. दीपक यादव और संयोजक दिनेश कपूर ने कहा कि भारत का इतिहास महान परंपराओं से समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि पहले विवाह दिन के उजाले में करने और गोधूलि बेला से पहले कन्या की विदाई की परंपरा थी। समय के साथ परिस्थितियां बदलने से विवाह और विदाई की परंपराओं में भी बदलाव आया। उन्होंने सनातन परंपराओं के अनुरूप दिन में विवाह की परंपरा को बढ़ावा देने की बात कही।
शिक्षाविद प्रो. सीएल सोनी और प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि सनातन परंपरा में दिन का समय सत्संग और कथा श्रवण के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। उन्होंने कहा कि रात में तेज आवाज में धार्मिक आयोजन करने से रात्रि की शांति प्रभावित होती है। इसलिए यथासंभव सत्संग और धार्मिक कार्यक्रम दिन में आयोजित किए जाने चाहिए।
पतंजलि के जिला प्रभारी दयाराम आर्य और जय प्रकाश आर्य ने साधकों को योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। भजन गायिका सोनिया पोपली, निशा लुगानी और सोनिया कपूर ने भजनों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में अतिथियों को राम दरबार, राधा-कृष्ण और मां दुर्गा के चित्र भेंट किए गए। उल्लेखनीय सेवाओं के लिए श्रीराम युवा शाखा के प्रधान जतिन सैनी, सेवानिवृत्त सीआईडी इंस्पेक्टर अजय भारद्वाज, समाजसेवी सुदर्शन मेहंदीरत्ता, उपप्रधान हेमंत ग्रोवर और पर्यावरणविद् राजेंद्र गेरा को सम्मानित किया गया।