दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएनएल) के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि बिजली विकास का आधार है। सरकार का प्रयास हर घर तक बिजली पहुंचाना है। वे रविवार को शहर के जिमखाना में सरचार्ज स्कीम के बाबत जनप्रतिनिधियों को जागरूक करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 हजार मेगावाट बिजली की उपलब्धता है।
जबकि खपत केवल साढ़े छह हजार मेगावाट की है। फिर भी लोगों को पूरी बिजली नहीं मिल पाती। इसका कारण बिजली चोरी है। सरकार के शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 12 घंटे बिजली देने का प्रावधान है। इसके बावजूद भी कई बार बिजली पूरे समय नहीं मिल पाती है। कई बार इसे लाइन लोस बताया जाता है।
सच यह है कि लाइन लोस केवल आठ से 10 फीसदी तक ही रहता है। शेष तो बिजली चोरी होती है। इसे रोककर ही हम विकास की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इस अवसर पर निगम चीफ इंजीनियर संजीव चौपड़ा, रेवाड़ी सर्किल के एसई राजकुमार जाजौरिया, एसडीएम कुशल कटारिया, डीएसपी गजेंद्र शर्मा एवं मोहम्मद जमाल, एक्सईएन रंजन राव आदि थे।
केंद्र सरकार ने वहन किया घाटा
सीएमडी ने बताया कि प्रदेश में बिजली निगम पर 35 हजार करोड़ रुपये का घाटा था। लेकिन गत दिनों केंद्र सरकार ने अपने प्रयासों से इसमें से 25 हजार करोड़ रुपये का घाटा अपने ऊपर ले लिया। अब निगम पर केवल 10 करोड़ रुपये का घाटा ही शेष है। वह भी बिना ब्याज। इसका लाभ जनता को मिलेगा। इसी का ही नतीजा रहा कि गत दिनों निगम ने प्रति यूनिट 35 पैसे की छूट दी गई। आगे भी इसी तरह के प्रयास किए जाएंगे।
अब ढाणी भी होंगी रोशन
उन्होंने कहा कि अब सरकार ढाणियों तक भी बिजली पहुंचाने का विचार कर रही है। इसके लिए ढाणियों के समीप से गुजर रही लाइन से इनको जोड़ा जाएगा। जिससे ढाणियां भी रोशन हो सकेंगी। एक फरवरी निगम इस दिशा में काम करेगा। इसी के साथ पोल टू पोल सर्वे किया जाएगा। जिसमें निगम की लाइन की खामियों को दूर किया जाएगा।
20 फीसदी से कम लोस पर मिलेगी पूरी बिजली
सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में 12 घंटे बिजली देने की येाजना है। इसमें वो गांव भी हैं जिनमें बिजली चोरी चाहे 10 प्रतिशत हो या 90 प्रतिशत। लेकिन अब सरकार के निर्देशों पर उन गांवों का चयन किया जा रहा है, जिनमें बिजली लोस 20 फीसदी से कम हैं। इन्हें 24 घंटे बिजली दी जाएगी। रेवाड़ी के दो गांव 21 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं। एक-दो माह में 20 फीसदी तक पहुंच जाएंगे। इसके बाद इन्हें 24 घंटे बिजली दी जाएगी। वहीं पंचकूला में 72 फीडरों के 113 गांवों में लाइन लोस 20 फीसदी से कम मिला। यहां यह योजना शुरू हो गई है।
जनप्रतिनिधियों ने बताई समस्याएं
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने सीएमडी को बिजली से जुड़ी गांवों की समस्याएं बताई। जिनमें गांव में पोल पर जलने वाली बिजली, पंचायत की पोल सप्लाई, सप्लाई के लिए अटके ट्रांसफार्मर एवं टंकी ना रखे जाना प्रमुख रहीं। इन्हें सीएमडी ने शीघ्र ही निपटाने का आश्वासन दिया।