धारूहेड़ा। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों के समर्थन में वीरवार को एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की।
यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष सुदामा पाल मान ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है, जिसे हर हाल में बहाल किया जाना चाहिए।
केंद्रीय समिति सदस्य संजय सैनी ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को युवाओं के शोषण का माध्यम बताते हुए इसे समाप्त करने और विभाग में नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
इस सांकेतिक भूख हड़ताल का नेतृत्व यूनिट प्रधान बलदेव सिंह ने किया। मंच पर संगठन के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें वरिष्ठ उप प्रधान उमेश खटाना, उप प्रधान बलबीर सिंह, उपसचिव मनोज यादव, सह सचिव नित्यानंद, कोषाध्यक्ष राजकुमार, संगठन कर्ता हरीश यादव, सब यूनिट प्रधान जसवंत, सहित हुकम चंद व अन्य गणमान्य सदस्य शामिल रहे।
वक्ताओं ने कहा कि विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर 24 घंटे बिजली आपूर्ति बनाए रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार उन्हें पक्का करने के बजाय ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी जैसी अव्यवहारिक नीतियों में उलझा रही है।
मांग पत्र में वर्ष 2006 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली, वर्षों से सेवा दे रहे कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण, स्थायी पदों पर पारदर्शी भर्ती, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द कर पुरानी व्यवस्था लागू करना, नियमितिकरण तक समान काम–समान वेतन और सभी सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।
यूनिट प्रधान बलदेव सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह भूख हड़ताल केवल एक संकेत है। यदि सरकार ने समय रहते यूनियन की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और वार्ता की पहल नहीं की, तो प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।