रेवाड़ी। उमस और तेज गर्मी के बीच रेवाड़ी जिले में बिजली संकट गहराने लगा है। तापमान बढ़ने के साथ जिले में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। दैनिक बिजली खपत 95 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर गई है। बढ़ते लोड के कारण जहां स्थानीय स्तर पर सब-स्टेशन और फीडरों में लगातार तकनीकी खराबियां आ रही हैं। इसका असर शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है।
भीषण गर्मी के चलते घरों में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ने से बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर और फीडर ओवरलोड हो रहे हैं। इससे तार टूटने, जंपर उड़ने और अन्य तकनीकी खराबियां बढ़ गई हैं। इन फॉल्ट को ठीक करने में लाइनमैन और तकनीकी टीम को काफी समय लग रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।
रेवाड़ी शहर में 30-30 मिनट के दो अघोषित कट लगाए गए, जिससे सीधे एक घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 45-45 मिनट के तीन कट लगाए गए, जिसके कारण करीब दो घंटे 15 मिनट तक बिजली बंद रही। स्थानीय फॉल्ट जुड़ने से कई क्षेत्रों में कटौती का समय और बढ़ गया।
रेवाड़ी शहर में स्थानीय फॉल्ट और अघोषित कटों को मिलाकर करीब दो से तीन घंटे तक बिजली गुल रही। धारूहेड़ा में लोगों को ढाई से तीन घंटे तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बावल क्षेत्र में डेढ़ से दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे:
बिजली निगम के एक्सईएन संजय यादव ने बताया कि हमारी फील्ड टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं और ओवरलोडिंग के कारण होने वाले किसी भी तकनीकी फॉल्ट को तुरंत ठीक किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।