छोड़ो अपने सारे काम,
पहले कर लो ये मतदान।
वोट तुम्हारा है अधिकार,
इससे बनती है सरकार।
जाति-पाति पर ध्यान न देना,
लालच में कुछ मत तुम लेना।
नशा, नोट जो बांट रहा हो,
समझो वो ही काट रहा हो।
पढ़ा-लिखा और नेक हो बंदा,
नही चाहिए गंदा धंधा।
जो सुख-दुख में साथ खड़ा हो,
जिसका चरित्र सबसे बड़ा हो।
रेवाड़ी-धारूहेड़ा की शान,
वोट से बढ़ेगा अपना मान।
गली-मोहल्ले और सफाई,
तभी मिलेगी जब हो भलाई।
घर से बाहर कदम बढ़ाओ,
लोकतंत्र का पर्व मनाओ।
जन जन की है यही पुकार,
सही चुनोगे, होगा सुधार।
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नरेंद्र कुमार, शिक्षाविद , नरसिंहपुर गढ़ी