रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने राज्य चुनाव आयोग को प्रदेश के तीन नगर निगमों समेत कुल सात शहरी निकायों में चुनाव कराने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका में भी चुनाव की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।
शहरी निकाय चुनाव मार्च के अंतिम सप्ताह और अप्रैल के पहले सप्ताह में कराए जा सकते हैं। चुनाव की अंतिम तिथि और कार्यक्रम राज्य चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जिन शहरी निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं, उनमें पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम के अलावा रेवाड़ी नगर परिषद, धारूहेड़ा, सांपला और उकलाना नगरपालिकाएं शामिल हैं।
चुनाव की अनुमति मिलने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संबंधित जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि वे राज्य चुनाव आयोग को चुनाव संपन्न कराने के लिए आवश्यक स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराएं। इसमें मतदान कर्मी, सेक्टर अधिकारी, जोनल अधिकारी और अन्य सहायक कर्मचारियों की व्यवस्था शामिल है।
राजनीतिक गतिविधियां तेज, संपर्क साध रहे नेता
शहरी निकाय चुनावों की घोषणा की संभावना को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। रेवाड़ी और धारूहेड़ा समेत अन्य निकाय क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशी सक्रिय हो गए हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता वार्ड स्तर पर संपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं। प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार के लिए जगह-जगह होर्डिंग भी लगा दिए हैं।
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बोर्ड परीक्षाओं की वजह से चुनाव आगे बढ़ने की संंभावना
राज्य चुनाव आयोग की ओर से शहरी निकाय चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी हैं। मगर मार्च के अंतिम सप्ताह में निकाय चुनाव इसलिए आगे बढ़ने की संभावना है क्योंकि फरवरी के दूसरे पखवाड़े से मार्च के पहले पखवाड़े तक बोर्ड की परीक्षाएं होनी हैं। यदि मार्च के अंतिम सप्ताह में चुनाव नहीं हो पाए तो अप्रैल के पहले सप्ताह में हर हालत में चुनाव कराए जा सकते हैं।
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इस बार नगर परिषद में वार्ड 31 से 32 हुए
इस बार नगर परिषद में वार्डों की संख्या 31 से बढ़ाकर 32 कर दी गई है। संभावित नगर निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया पूरी की गई है। 22 जनवरी को नप प्रधान की सीट को आरक्षित करने को लेकर पंचकूला में बैठक होगी। इसी बैठक में धारूहेड़ा नगर पालिका के प्रधान पद को भी आरक्षित किया जाएगा। बैठक में ड्रा निकाला जाएगा। बैठक के बाद यह स्थिति साफ हो जाएगी कि किस वर्ग के लिए ये पद आरक्षित किया जाएगा।
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एसडीएम ने प्रशासक के रूप में संभाला नप का कार्यभार
रेवाड़ी नगर परिषद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एसडीएम सुरेश कुमार ने प्रशासक के रूप में नगर परिषद का कार्यभार संभाल लिया है। प्रशासक के रूप में वे एसडीएम एवं नगर आयुक्त की देखरेख में शहर के वार्डों और क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर नजर रखेंगे। एसडीएम सुरेश कुमार का कहना है कि आम जनता के कार्यों को लंबित नहीं रखा जाएगा और सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाया जाएगा। आम जनता की शिकायतों का शीघ्र एवं प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।