रेवाड़ी। छह साल बाद विश्राम गृह में वीरवार की दोपहर नगर परिषद सदन की बैठक संपन्न हुई। इसमें अतिक्रमण, बेसहारा पशु, बिजली के जर्जर तारों को बदले जाने के मुद्दे हावी रहे। विपक्षी पार्षदों ने सफाई व्यवस्था व एनडीसी में गड़बड़ी के मामले में चेयरपर्सन को घेरने का प्रयास किया। चेयरपर्सन पूनम यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद भुगतान समिति के एक पार्षद का वोटिंग के माध्यम से चुनाव कराया गया, जिसमें पार्षद रंजना भारद्वाज को समिति का सदस्य चुना गया। उन्होंने राजेंद्र सिंघल को 11 के मुकाबले 15 वोटों से हराया, जबकि एक अन्य पार्षद नरेश कुमार को दो वोट मिले हैं। 3 वोटों को रद्द कर दिया गया। रंजना भारद्वाज चेयरपर्सन के विरोधी खेमे से संबंध रखती हैं।
बेहद शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई सदन की बैठक में पार्षदों की समस्या व सुझाव के लिए वार्ड नंबर 31 से शुरूआत की गई। कई पार्षदों ने कहा कि चेयरपर्सन उनके वार्ड में अच्छा विकास कार्य करा रही है। वहीं एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने चेयरपर्सन पर विकास कार्यों में भेदभाव करने का आरोप लगाया।
वार्ड नंबर 14 की पार्षद ने एमई पर लगाए गंभीर आरोप
सदन की बैठक के दौरान वार्ड नंबर 14 की पार्षद राजबाला राव ने अतिक्रमण के मुददे को उठाते हुए नगर परिषद के एमई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि वह अतिक्रमणकारियों से मिले हुए है। चेयरपर्सन को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान काभी देर तक सदन में जमकर हंगामा हुआ। सदन में मौजूद पार्षद पुत्र ने भी एमई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हालांकि इस बीच सदन में मौजूद एमई कतई शांत बैठे रहे।
पार्षद सुचित्रा चांदना ने वाइस चेयरमैन की कार्यप्रणाली की निंदा की
पार्षद सुचित्रा चांदना ने कुछ दिन पूर्व वाइस चेयरमैन के कमरे में बैठने के दौरान ताला बंद करने के मामले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने वाइस चेयरमैन को कहा कि उस वक्त आप वहां मौजूद थे,लेकिन ताला नहीं खुलवाया यह बेहद निंदनीय कार्य प्रणाली थी। महिला पार्षदों को बैठने की भी जगह नहीं दी जा रही है। फिर कैसा 33 प्रतिशत रिजर्वेश है।
3 साल में एक रुपये का भी नहीं किया विकास
वार्ड नंबर 24 के पार्षद नीरज ने आरोप लगाया कि पिछले 3 साल के दौरान उनके वार्ड में एक रुपये का भी विकास कार्य नहीं किया गया है। जबकि वह कई बार लिखित व मौखिक प्रस्ताव दे चुका है। पार्षद ने कहा कि चेयरपर्सन बताएं कि उनके वार्ड में विकास कार्य क्यों नहीं कराए जा रहे हैं। जबकि उनके वार्ड में अधिकतर अनूसूचित जाति व पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं। ऐसे में उनके वार्ड की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए।
शहर में कुत्तों का आंतक
अधिकतर पार्षदों ने शहर में बढ़ रही कुत्तों की संख्या पर चिंता जताई। आएदिन कुत्तों द्वारा लोगों को काटा जा रहा है। पार्षदों ने कहा कि कुत्तों की नसबंदी कराने के बाद शहर में कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। इस पर जल्द रोक लगाई जाए।
जाटूवास में डेयरी की जमीन पर पशुपालकों को दे प्लाट
शहर में बढ़ रहे बेसहरा पशुओं की संख्या पर नियंत्रण लगाने के लिए गांव जाटूवास में डयेरी की जमीन को विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। पार्षदों ने एकमत होकर कहा कि नगर परिषद की जमीन को डेवलप करने के बाद वहां पशुपालकों को दिया जाए ताकि शहर से डेयरियां शहर से बाहर हो जाएं।
दूध निकालकर पशुओं को छोड़ने वालों का होगा चालान
सदन की बैठक में सर्वसममति से निर्णय हुआ कि कुछ पशुपालक अपने पशुओं का दूध निकालने के बाद खुला छोड़ देते है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। बाद में निर्णय लिया गया कि ऐसे लोगाें को चिन्हित करने के बाद उनके मालिकों का चालान काटा जाएगा।