रेवाड़ी। बिपरजॉय चक्रवात का असर रेवाड़ी में पूरी तरह दिखाई देने लगा है। सोमवार सुबह साढ़े 5 बजे से ही रुक-रुक कर बारिश हुई। दोपहर बाद धारूहेड़ा और बावल क्षेत्र में तेज बारिश होने से जलभराव की स्थिति बन गई। बारिश से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पानी भरने से जाम लग गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब ढाई घंटे तक हुई बारिश के कारण तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट आई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 32.0 व न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री दर्ज किया गया। उधर, मौसम विशेषज्ञों ने चक्रवात को लेकर जिले में ऑरेंज अलर्ट घोषित कर रखा है।
वहीं मोहल्ला तेजपुरा में एक पेड़ टूटकर गिरने से स्कूटी व बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे पहले रविवार की रात तेज हवाएं चली और कुछ क्षेत्रों बूंदाबांदी भी हुई। बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत भी मिली है। मौसम विभाग ने 19 और 20 जून को रेवाड़ी सहित दक्षिणी हरियाणा के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम में परिवर्तन पिछले 5 दिनों से बना हुआ है। शनिवार रात करीब आधे घंटे तक रेवाड़ी शहर में जोरदार बारिश हुई थी। रविवार को पूरे दिन बादल छाए रहे। सोमवार सुबह साढ़े 5 बजे पहले तेज बारिश हुई और उसके बाद से रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद तेज बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। मौसम में बदलाव के कारण भले ही अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन पिछले कई दिनों से रेवाड़ी सहित अन्य इलाकों में उमस ने लोगों को काफी परेशान किया हुआ था। अब बारिश से कुछ हद तक राहत मिली है।
40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार उत्तर और दक्षिण जिलों में 19 व 20 जून को भी बिपरजॉय का असर रहेगा। उत्तर हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, झज्जर, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत और पानीपत में भी हवाओं की यही रफ्तार रहेगी। इस दौरान गरज चमक के साथ बारिश भी होने की मौसम विभाग ने संभावना जताई है।
इस माह दिखेगी प्री-मानसून की गतिविधियां
जून के अंत तक मौसम में गतिशीलता बनी रहेगी। यानि 20 जून के बाद भी व 30 जून तक इलाके में तापमान में भारी गिरावट दर्ज होगी और साथ ही बादलवाही और तेज गति से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां (प्री मानसून गतिविधियां) लगातार जारी रहेगी।