इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर के विभिन्न संकायों की में सीट कम करने के फैसले के विरोध में छात्र संगठनों की ओर से किए जा रहे संघर्ष के बाद आखिरकार विवि प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। बुधवार को वीसी की अध्यक्षता में विभिन्न डिपार्टमेंट के मुखिया और छात्रों के बीच चली बैठक के बाद एलएलबी में 20, फिजिक्स, जूलॉजी व बॉटनी में 10-10 सीट बढ़ाने का फैसला लिया गया।
8 जून को विवि कार्यकारिणी की बैठक में जूलॉली, बॉटनी व फिजिक्स में सीट 60 की बजाय 20-20 कर दी गई थी। इसके अलावा लॉ में पीजी को बंद कर दिया गया था। विवि प्रशासन की ओर से कैंपस में लैब नहीं होने का हवाला देकर सीट कम करने का निर्णय लिया गया था। बार-बार प्रदर्शन के बावजूद वीसी की ओर से क्वालिटी एजुकेशन का हवाला देकर सीट नहीं बढ़ाने की बात कही जा रही थी, लेकिन बुधवार को छात्र संगठनों के दबाव व बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद यादव की मौजूदगी में वीसी ने सीट बढ़ाने का फैसला किया।
24 जुलाई से विवि में प्रदर्शन का दिया था अल्टीमेट
छात्रों के एक संगठन ने सीट नहीं बढ़ाने की स्थिति में विवि में 24 जुलाई से धरना प्रदर्शन करने के साथ ही डिपार्टमेंट पर तालाबंदी करने की चेतावनी दी हुई थी। छात्र नेता हिमांशु सिराधना ने कहा कि छात्र हित में यह अच्छा कदम है। वहीं आईजीयू छात्र संघ वाइस प्रेजिडेंट व लगातार सीट बढ़ाने के लिए संघर्ष रहे पुष्पेंद्र यादव ने कहा कि वीसी ने अगले सत्र से भी सीटे पहले की तरह करने का आश्वासन दिया है।
प्रवेश किस तरह होंगे इस पर फैसला आज
सेट्रल एडमिशन प्रक्रिया बुधवार को पूरी हो गई है।विवि की सभी 20-20 सीट भर चुकी हैं। ऐसे में विवि प्रशासन की ओर से बढ़ाई गई 10-10 सीट को भरने के लिए किस तरह से एडमिशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी, नहीं कहा जा सकता है। वीसी के प्रतिनिधि प्रो. चाहर ने बताया कि सीट बढ़ा दी गई हैं। गुरुवार को एडमिशन प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा।
नहीं बनने दिया जाएगा राजनीति का अखाड़ा
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ अरविंद यादव ने कहा कि यूनिवर्सिटी को राजनीति का अखाड़ा बनाने की बजाए सभी को मिलकर सकारात्मक प्रयास करने चाहिए । उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के लगातार विकास के लिए छात्रों, अभिभावकों और यूनिवर्सिटी प्रशासन को मिलकर काम करना होगा । उन्होंने भाजपा सरकार की ओर से मीरपुर यूनिवर्सिटी के तीव्रगामी विकास का संकल्प दोहराते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के विकास में फंड की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी । इस अवसर पर डॉ अरविंद यादव के साथ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एस के गक्खड़ के अतिरिक्त पुष्पेंद्र प्रधान, सौरव यादव, दिनेश यादव ,अभिषेक ,विशाल ततारपुर, रोहतास सहित यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनेक अधिकारियों भी मौजूद रहे।