रेवाड़ी। लघु व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए डॉ. अनिल कुमार। स्त्रोत : संस्था
कोसली। सरकारी महिला रीजनल सेंटर कृष्ण नगर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विषय भारतीय शिक्षा प्रणाली में सामाजिक समावेश के मुद्दे पर इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने लघु व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रगति के लिए सबसे महत्वपूर्ण साधनों में शिक्षा है। इसलिए देश के विकास में मानव संसाधन की क्षमता का संपूर्ण प्रयोग करके विकसित भारत के सपने को हम प्राप्त करें।
इसके लिए देश के प्रत्येक क्षेत्र से सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करनी पड़ेगी। अभी तक सामाजिक समावेश एक गंभीर मुद्दा रहा है उसे हम शिक्षा के माध्यम से हल करने में सफल होंगे। इस अवसर पर निदेशक प्रोफेसर बलवीर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सामाजिक समावेश का एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर विकसित भारत का सपना टिका हुआ है। इसलिए समाज के साथ मिलकर शिक्षक की भूमिका निर्धारित होती है।
2030 तक एनईपी का उद्देश्य एक समान और समावेशी शिक्षा प्रणाली लागू करना है। इस अवसर पर डॉ. अनीता देवी, डॉ. रिनू यादव, अंजली यादव, डॉ. राकेश, सोनिया यादव, पूजा यादव, डॉ. प्रदीप उपस्थित रहे।