राजगढ़। पौत्र पड़पौत्र के साथ चौथी पीढ़ी की मुखिया हस्ती देवी अपने जीवन के 97 वर्ष देख चुकी हैं। हस्ती देवी कुण्डल की सबसे बुजुर्ग महिला है। दुर्बल शरीर होने के साथ सुनने में परेशानी का सामना करते हुए चुनाव के दौरान वोट पर चर्चा के दौरान कुछ अनसुने किस्से सुनाए।
हस्ती देवी ने 1957 में अपना पहला वोट पंचायत चुनाव के लिए डाला था। उस समय कुछ गांव को जोड़कर एक पंचायत होती थी। कुण्डल की पंचायत गुमिना गांव के अधीन होती थी। जिसमें हरजीपुर, बवाना गुजर गांव भी शामिल थे। वोट के नाम पर पर्ची डलती थी। बाद में बैलट पेपर ओर अब युग के साथ ईवीएम ने स्थान ले लिया। अब जहां चुनावों में लाखों रुपये लगते हैं, उस समय चुनाव में खर्च भी न के बराबर होता था। उस समय पुरुषों की चौधराहट होती थी। महिलाएं उनके कहने पर ही अपना मत डाल देती थी। अब तो महिलाएं खुद सरकार बन रही है।
50 से ज्यादा बार आपने मत का किया इस्तेमाल
97 साल की हस्ती देवी ने जहां चुनावों के साथ साथ अनेक उतार चढ़ाव देखे। वहीं, उन्होंने बताया कि अपनी इस उम्र तक वो पंच सरपंच से लेकर विधायक और संसदीय सदस्य के लिए लगभग 50 से भी ज्यादा बार आपने मत का इस्तेमाल कर चुकी हैं। उस समय गांव में भाई चारा इस कदर था कि बड़ी वोट जहां गांव के मौजिज व्यक्ति के कहने पर डाल दी जाती थी। वहीं, छोटी वोटों के लिए परिवार के मुखिया द्वारा बताए गए उम्मीदवार को अपना वोट दे दिया जाता था।