रेवाड़ी। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं एवं महिलाओं को अब गांवों में ही ई-लाइब्रेरी एवं इनडोर जिम की सुविधाएं मिलेगी। जिला परिषद की ओर से वित्त वर्ष 2023- 24 में जिले के 9 गांवों में इनडोर जिम एवं 79 गांवों में ई-लाइब्रेरी बनाई जाएंगी। पंचायतराज विभाग की ओर से इसकी प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। विभाग की ओर से करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायतों के पास खाली पड़े पुराने भवनों का कायाकल्प कराने की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग की ओर से इन भवनों के नवीकरण का कार्य जुलाई में पूरा हो जाएगा। इसके बाद जिला परिषद की ओर से इन भवनों को आवश्यकतानुसार सुसज्जित कराया जाएगा।
सरकार ने योजना के तहत पंचायत विकास विभाग को पुराने जर्जर भवनों का नवीकरण कराने के आदेश जारी किए थे। सरकारी आदेशों को अमलीजामा पहनाने के लिए विभाग की ओर से उन पंचायतों से पुराने भवनों को लेकर प्रस्ताव मांगे थे, जो जर्जर होने के कारण खाली पड़े हैं।
जिम के लिए 1000 से 1600 वर्ग फीट क्षेत्रफल का भवन होना जरूरी
सर्वाधिक 79 प्रस्ताव गांवों में लाइब्रेरी खोलने के लिए मिले थे। उपलब्ध जगह के अनुसार महिला सांस्कृतिक केंद्र खोलने के लिए 12 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव मिले थे। महिला सांस्कृतिक केंद्रों के लिए 300 से 600 वर्ग फीट क्षेत्रफल के भवनों की शर्त रखी गई थी, जबकि जिम के लिए एक हजार से 1600 वर्ग फीट क्षेत्रफल का भवन होना सुनिश्चित किया गया था। सौ ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मिलने के बाद जिला मुख्यालय की ओर से पंचायत विभाग के निदेशालय को यह प्रस्ताव भेजे गए थे। इन भवनों के नवीकरण के लिए विभाग की ओर से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। संबंधित भवनों का नवीनीकरण कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विभाग ने 15 जुलाई तक इन भवनों को नया रूप देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इन गांवों में बनेंगे महिला सांस्कृतिक केंद्र
प्रदेश सरकार ने महिलाओं को जागरूक करने के दृष्टिकोण से जिले के 12 गांवों में महिला सांस्कृतिक केंद्र बनाने का निर्णय लिया है, जिनमें पावटी, खटावली, मालाहेड़ा, जाहिदपुर, नारायणपुर, गोकलगढ़, पीथड़ावास, बवाना गुर्जर, धामलावास, कुंडल, बुडानी व अलावलपुर शामिल है। महिलाओं के लिए खाली समय में इकट्ठे बैठने, भजन-कीर्तन करने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन नौ गांवों में बनेंगी इंडोर जिम
इंडोर जिम के लिए गांव मालपुरा, नयागांव, भांडोर, चीताडूंगरा,मनेठी, पुंसिका, गोलियाकी, जाहिदपुर व खोल शामिल है। इससे गांव के युवाओं को जहां एक तरफ अच्छी खेल सुविधाएं मिलेंगी, तो वहीं युवाओं को नशे से दूरी बनाने की भी प्रेरणा मिलेगी।
परीक्षा की तैयारी करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
जिला परिषद की ओर से तय मानकों के अनुसार पंचायतों को ई-पुस्तकालय में पांच कंप्यूटर, इंटरनेट, दो टन का एसी लगेगा और 40 लोगों के बैठने की क्षमता रहेगी। सोलर पैनल से बिजली की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में कई गांवों से युवा करनाल के ई-पुस्तकालयों में पढ़ने के लिए आते हैं।
इंडोर जिम में 20 तरह के लगेंगे उपकरण
इंडोर जिम में 20 तरह के आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। एसी की सुविधा भी रहेगी। जहां सुबह और शाम कसरत करके ग्रामीण अपनी सेहत दुरुस्त रख सकेंगे। वर्तमान ग्रामीण युवाओं को जिम जाने के लिए शहर या कस्बे में जाना पड़ता है। अब गांव में जिम खुलने से उन्हें निशुल्क सुविधा मिलेगी।
कोट
गांवों में ई-लाइब्रेरी और इंडोर जिम स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पंचायतों को जगह उपलब्ध करानी होगी। पंचायत की जमीन पर बने कमरे एवं हॉल में ही ई-लाइब्रेरी और इंडोर जिम शुरू किया जाएगा। ग्रामीण लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का हमारा प्रयास है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर ही फोकस किया जा रहा है।
-नरेंद्र गुलिया, एक्सईएन पंचायतराज विभाग