रेवाड़ी। लगातार हो रही बारिश से जहां लोगों की परेशानी बढ़ी है वहीं खेतों में जलभराव से स्थानीय फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही दूसरे जिलों और प्रदेशों से सब्जियों की आवक में कमी आई है जिससे सब्जियों के दाम बढ़े हैं। सब्जियों की कीमत चढ़ने से भोजन के जायके में कमी आई है।
सब्जियों के भाव बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। हरी सब्जियों की कीमतों में इजाफा हुआ है। टमाटर 80 रुपये किलो तक पहुंच चुका है। प्याज, भिंडी, लौकी और हरी मिर्च जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। महंगाई का असर अब हर घर की रसोई में साफ दिखाई देने लगा है।
गृहिणियों का कहना है कि वे अब टमाटर का इस्तेमाल बहुत सीमित कर रही हैं। मजबूरी में आलू-प्याज की सब्जी बनाई जा रही हैं। इससे न केवल खाने का स्वाद प्रभावित हो रहा है बल्कि घर का साप्ताहिक बजट भी पूरी तरह बिगड़ गया है।
स्थानीय सब्जी विक्रेता नरेश ने बताया कि मौसम की मार से फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। बारिश और कीटों के कारण खेतों में सब्जियां खराब हो रही हैं। इससे मंडियों में सप्लाई कम हो गई है, जिसके चलते दाम तेजी से बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि पहले ग्राहक 200–300 रुपये की सब्जियां खरीदते थे लेकिन अब 50–100 रुपये में ही संतोष कर लेते हैं।
मंडी व्यापारियों के अनुसार बारिश के कारण परिवहन पर भी असर पड़ा है। दूरदराज से आने वाली सब्जियों की सप्लाई कम होने से मंडी में माल कम पहुंच रहा है। यही कारण है कि खुदरा बाजार में दाम आसमान छू रहे हैं।
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दाम बढ़ने से कम सब्जियां खरीद रही महिलाएं
रेखा, सरिता, संतोष, शर्मिला, बबीता और लक्ष्मी का कहना है कि सब्जियों के दाम पिछले पांच-छह दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं। पहले वे सप्ताह भर की सब्जी एक साथ खरीद लेती थीं, लेकिन अब उन्हें बजट के हिसाब से हर दूसरे दिन थोड़ी सब्जी लेनी पड़ रही है। उनका कहना है कि सब्जियों के रेट इतने अधिक हो गए हैं कि सब्जी खरीदने से पहले घर का पूरा हिसाब लगाना पड़ता है।
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सब्जी मंडी में इस भाव से बिक रही हैं सब्जियां :
सब्जी एक सप्ताह पहले वर्तमान भाव
टमाटर 50- -80
प्याज 20- -30
आलू 15- -25
टिंडा 60 80
खीरा 40 50
शिमला मिर्च80- -100
घीया20- -40
नींबू80- -120
तोरी40 60
लहसुन100 120
नोट: भाव प्रति किलो के हिसाब से रुपये में हैं।