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Rewari News: रेवाड़ी में घरों में पाले जा रहे रॉटविलर और पिटबुल सहित खूंखार कुत्ते, जानिए क्या है कुत्ते रखने का नियम

Fri, 28 Apr 2023 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। रॉटविलर और पिटबुल सहित खूंखार नस्ल के कुत्ते पालने पर पूर्णतया प्रतिबंध है, लेकिन जिले में हकीकत इसके उलट है। जिले में खूंखार नस्ल के कुत्तों को पालने और ब्रीडिंग में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है। अकेले रेवाड़ी शहर में ही 20 से अधिक ब्रीडिंग सेंटर या कुत्तों की दुकान हैं, जहां आम से लेकर खास नस्ल के कुत्ते आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
पिछले कुछ समय से रॉटविलर और पिटबुल सहित खूंखार नस्ल के कुत्तों द्वारा लोगों पर हमला करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक औसत के मुताबिक नागरिक अस्पताल में रोजाना कुत्तों द्वारा काटने के 5 से 10 मामले आ रहे हैं। दूसरी ओर से सुबह-सुबह लोग इन खुंखार कुत्तों को लेकर पार्कों में भी घूमते नजर आ जाएंगे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
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बता दें कि विदेशी और खुंखार नस्ल के कुत्ते पालना स्टेटस सिंबल माना जाता है। साधारण आम आदमी इन कुत्तों को पालने का शौक पूरा नहीं कर सकता, क्योंकि इनका खर्च काफी महंगा है। रेवाड़ी शहर की बात हो या फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खुंखार नस्ल के कुत्ते पालना आम बात हो गई है। लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारी इन खतरनाक कुत्तों पर लगाए प्रतिबंध को लागू कराने के प्रति लापरवाह नजर आ रहे हैं। प्रदेश सरकार के नियमों के मुताबिक एक घर में केवल एक ही कुत्ता पाला जा सकता है और उसके लिए भी लाइसेंस लेना होता है।

कुत्तों की कराते हैं लड़ाई
जानकारों के अनुसार जिले में कुत्तों का शौक रखने वालों में ऐसे भी हैं जो इन कुत्तों की लड़ाई कराते हैं और इस पर भारी-भरकम पैसा भी लगाते हैं। ऐसे लोग खुंखार कुत्तों को ही पालते हैं। सूत्रों के अनुसार कुत्तों की लड़ाई पर 20 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की शर्त लगाई जाती है।

नागरिक अस्पताल में नहीं एंटी रेबिज इंजेक्शन
जिले में कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पर नागरिक अस्पताल में एक माह पहले आए एंटी रेबीज के इंजेक्शन अब फिर खत्म हो गए हैं। इससे पहले भी करीब 2 माह तक लोगों को इंजेक्शन नहीं लग पाए थे, जिस कारण बाहर से इंजेक्शन लगवाने पड़े थे।
बालियर खुर्द में महिला सहित दो बच्चों को किया था घायल
करीब एक साल पूर्व गांव बालियर खुर्द में पूर्व सरपंच के पालतु पिटबुल कुत्ते ने परिवार की ही एक महिला और दो बच्चों पर हमला कर दिया था। इसमें महिला और बच्चे बुरी तरह घायल हो गए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। यह तो ऐसा मामला था, जिसमें घायलों के बचने की उम्मीद बहुत कम बताई गई थी। लेकिन कुत्तों के काटने के अनेक मामले न पुलिस थाने पहुंचते हैं और न ही नागरिक अस्पताल। कुत्ते के मालिक आपस में फैसला कर मामले को निपटा लेते हैं।
लाइसेंस लेना जरूरी

लोगों को कुत्तों पालने का लाइसेंस लेने के लिए सरल पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी पंजीकरण कर लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करते हैं। घर के बार कुत्तों को टहलाने के लिए भी सरकार की एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है और कुत्तों के मुहं पर मुखौटा लगाना होगा, ताकि वे लोगों को काट न सकें।
नहीं माने नियम तो होगी जेल

कुत्तों को पालने के लिए यदि कोई व्यक्ति नियमों को नहीं मानता है तो उसे जेल भी हो सकती है। नियम नहीं मानने वाले 5,000 रुपये जुर्माना और कैद का प्रावधान भी है।

एक घर में एक ही कुत्ता

सरकार के नियमों के मुताबिक एक घर में एक ही कुत्ता पाल सकते हैं। एक कुत्ते के लिए भी लाइसेंस लेना होता है। पर कई लोग अपने घरों में ही कई कुत्ते पालकर उनको बेचते भी हैं।


वर्जन
खतरनाक नस्ल के कुत्तों के पालन पर बैन है। दूसरी नस्ल का भी घर में एक ही कुत्ता रख सकते हैं, जिसके लिए लाइसेंस लेना होता है। हमारी जानकारी में नहीं है कि जिले में अभी तक इस प्रकार का कोई लाइसेंस जारी किया गया हो।
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-एसपी बंसल, डीडीपीओ, रेवाड़ी।
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शहर में कुत्ते पालने के लिए करीब 7 लोगों ने ही लाइसेंस लिए हैं। लेकिन ये खतरनाक और प्रतिबंधित कुत्ते नहीं रख सकते। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-प्रवीण कुमार, सचिव नगर परिषद रेवाड़ी।
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