शहर के सेक्टर- 4, 1 व 3 में ड्रेनेज (बरसाती पानी निकालने की लाइन) बीते चार साल से बंद पड़ी हुई है। बरसाती पानी की निकासी सीवरेज लाइन के भरोसे हैं। ऐसे में लंबे समय तक सड़कों पर जल भराव के चलते सेक्टर-4 व अन्य स्थानों की सड़के बद्हाल हो गई हैं। वहीं दूसरी शहर की बाहरी कॉलोनियों में निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोग परेशान हैं। यहां पर बरसात के दूसरे दिन भी जल भराव की स्थिति बनी हुई है।
अमर उजाला की ओर से बरसात से पहले लगातार शहर से बरसाती पानी निकालने की व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई थी। बताया गया था कि तेज बरसात होती है तो शहर को एक बार फिर से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि पहले की मुकाबले इस बार बरसाती पानी की निकासी में थोड़ा सुधार दिखा है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
सैनिक स्कूल के पास मिट्टी कटाव से धंसी सड़क
शहर के सेक्टर- 4 स्थित सैनिक स्कूल वाली सड़क पर तेज बरसात के बाद मिट्टी कटाव के बाद सड़क धंस गई। हालात इतने खराब थे कि कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बिगड़ी व्यवस्था देख मौके पर पहुंचकर प्रशासन को सूचित किया। इसके बार रविवार को सुबह 10 बजे नगर परिषद की टीम ने पहुंचकर गड्ढों को भरा।
खाली पार्को में पानी भरने से घरों में दरार की चिंता
सेक्टर-4 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अजय यादव ने बताया कि बीते चार साल से ड्रेनेज सिस्टम बंद पड़ा हुआ है। हर साल तेज बरसात होते ही पानी खाली प्लॉट में भर जाता है। पानी घरों की नींव में जाने से दरार का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहले हो चुका है। अभी कुछ लोगों ने इस तरह की शिकायत की है। नप अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री के आवास की ओर जानी सड़क बदहाल
शहर के मयूर विहार की गली नंबर- 4 व केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के आवास की ओर जाने वाली सड़क कुछ दिन पहले ही बनकर तैयार हुई थी। लेकिन बरसात आते ही इसमें यहां से गुजरने वाले वाहन धंस रहे हैं। रविवार को सुबह गड्ढा होने से यहां पर एक ट्रैक्टर धंस गया। बीते तीन बरसातों के दौरान इस तरह के मामले सामने आए हैं। यहां निवासी दयानंद, राजेश, सत्यप्रकाश, नरेंद्र, बिरेंद्र व अनिल ने बताया कि सड़क निर्माण के समय ही शिकायत की गई थी, लेकिन चलता काम कर दिया गया। इससे बरसात में सड़क धंस रही है।
हंस नंगर और नई आबादी सहित कई कॉलोनियों में जलभराव
बरसात के एक दिन बाद भी शहर की हंस नंगर, नई आबादी, इंद्राकॉलोनी, सरस्वती विहार, भाड़ावास रोड सहित करीब एक दर्जन कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यहां पर हर साल ऐसे ही हाल रहते हैं। इसका बड़ा कारण यहां पर बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था नहीं होना है।
अस्पताल में 18 घंटे बाद बहाल हो सकी बिजली सप्लाई
शहर के नागरिक अस्पताल में जल भराव के चलते पानी इलेक्ट्रिक पैनल तक पहुंच गया था। इससे बिजली निगम को यहां की सप्लाई बंद करनी पड़ी थीा। शनिवार शाम 6 बजे गुल हुई बिजली सप्लाई रविवार को दोपहर साढ़े 12 बजे शुरु की जा सकी। रात के समय बिजली नहीं होने से लेबर रुम, एसएनसीयू व ब्लड बैंक प्रभावित हुए। व्यवस्था बिगड़ती देख शाम के समय पीएमओ व अन्य डॉक्टर रात 12 बजे तक अस्पताल में डटे रहे। रात 7 बजे जनरेटर मंगवाकर इन तीनों युनिट में बिजली सप्लाई शुरु की गई थी। ब्लड बैंक में करीब 145 यूनिट रक्त था, यदि बिजली नहीं मिलती को खराब हो सकता था। शनिवार की शाम अस्पताल की ओर से व्यवसथा को संभाल लिया गया, लेकिन बरसात से पहले आखिर इस तरह के इंतजाम क्यों नहीं किए गए, इसकी जांच भी जरुरी है।
किसान खुश : कपास की फसल को खूब फायदा
बरसात से किसानों के चेहरों पर खुशी छाई हुई है। क्षेत्र में कपास की फसलें लगाने वाले किसानों के अलावा अन्य किसान भी खुश हैं। क्षेत्र में बोई गई खरीफ की फसलें भी बरसात से लहलहा उठी हैं। क्षेत्र में किसानों ने अच्छी बरसात की उम्मीद में ज्वार, बाजरा, ग्वार की फसलों की बुआई कर रखी है। अब तक बरसात होने के कारण किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिख रही थीं। किसान फूल सिंह, पवन, सुनील, धर्मपाल, गजे सिंह, सोमबीर, राकेश, अशोक अन्य का कहना है कि बरसात फसलों के लिए अत्यंत फायदेमंद है।