रेवाड़ी। जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए निदेशालय की ओर से विशेष कार्य योजना समय-समय पर बनाई जाती है, जिसको लेकर अब जिले के वह बच्चे जो किसी कारणवश स्कूल से ड्रॉप आउट हो गए हैं। अब विभाग की ओर से ऐसे बच्चों को दोबारा विद्यालय में शिक्षा दिलाने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। इसमें शिक्षा विभाग और महिला और बाल विकास विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे। 23 मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अबकी बार 30 मार्च तक सरकारी स्कूलों का वार्षिक परिणाम भी घोषित कर दिया जाएगा, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना भी बना ली है। साथ ही विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि नए सत्र में हर एक शिक्षक को कम से कम दो नए एडमिशन करने हैं।
विद्यार्थियों को लेकर सख्त निर्देश
नए सत्र में विद्यालयों में विद्यार्थियों के बढ़ोतरी को लेकर शिक्षा विभाग ने योजना बनाई है जिसमें निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में 30 फीसदी बढ़ोतरी होती है, उन स्कूलों को स्वर्ण पदक दिया जाएगा, जहां पांच फीसदी तक विद्यार्थियों की संख्या घटती है वहां पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी विद्यालयों में टीम का गठन किया जाएगा। इनमें आंगनबाड़ी वर्कर, नंबरदार, एमसी आदि शामिल होंगे। हर विद्यालय अपने नजदीकी क्षेत्र को जीरो ड्रॉप आउट घोषित करेगा। गांव, वार्ड में टीमें जाएंगी, जो पूरा विवरण लिखेंगी कि विद्यार्थी अभी कहां पर है।
नए दाखिले पर खुलेगा बैंक खाता
विद्यार्थी जब पहली कक्षा में दाखिला लेंगे, ठीक उसी दिन उनका बैंक खाता भी खोला जाएगा, ताकि सरकार को योजनाओं का लाभ मिल सके। अबकी बार सरकार ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से सभी तरह की राशि बैंक खाते में देने का निर्णय लिया है। सभी विद्यार्थियों का पीपीपी जरूरी होगा।
सरकार की योजना इस योजना से न ही सिर्फ सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होगी बल्कि जो बच्चे किसी कारण अपनी पढ़ाई छोड़ चुके हैं उनको भी पढ़ने का एक मौका मिलेगा।
नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।