मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने जिले के नोडल अफसरों और जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिवों की बैठक ली। इसमें उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसमें डोर टू डोर ऑक्सीजन गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।
डॉ. अमित अग्रवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नोडल अफसरों और रेडक्रॉस सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संकटकाल है। जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में एक सैनिक सीमा पर युद्ध लड़ता है। इस संकटकाल में बहुत से कोविड ग्रस्त मरीज होम आइसोलेशन में हैं। इसके अलावा, अन्य बीमारियों से ग्रस्त बहुत से मरीजों को निरंतर ऑक्सीजन की आवश्यकता रहती है। घर पर ऑक्सीजन सिलिंडर रीफिल करने की सुविधा शुरू होने से ऐसे मरीजों को लाभ होगा और उन्हें या उनके परिजनों को सिलिंडर रिफिल कराने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा, वहीं सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों पर भी इससे अंकुश लगेगा। यह सुविधा शुरू होने से स्टेप डाउन कोविड ग्रस्त मरीजों को भी होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन की सुविधा मिलने में आसानी होगी। अस्पतालों के ऑक्सीजन बेड गंभीर कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध हो सकेंगे।
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पोर्टल पर करना होगा आवेदन
डॉ. अमित ने कहा कि इसके लिए एक पोर्टल बनाया गया है। पोर्टल पर जाकर स्वयंसेवी संस्थाएं रजिस्ट्रेशन करेंगी, जिससे उनका लॉगइन बन जाएगा। जैसे ही इस पोर्टल पर जरूरतमंद मरीज ऑक्सीजन सिलिंडर के रिफिल के लिए पंजीकरण करेगा तो उसका आवेदन स्वयंसेवी संस्था और रेडक्रॉस सोसाइटी दोनों के पास रिफ्लेक्ट होगा। रेडक्रॉस सोसाइटी या स्वयंसेवी संस्था में से कोई भी उक्त आग्रह को स्वीकार करेंगी तो आवेदन करने वाले मरीज के दिए मोबाइल पर एक एसएमएस के माध्यम से सूचना पहुंच जाएगी।
आवेदक को आवेदन करने के दौरान आधार नंबर और ऑक्सीजन लेवल के लिए ऑक्सीमीटर का फोटो भी अपलोड करना होगा। इसके अलावा, मरीज की उम्र और पता लिखना अनिवार्य होगा। एक मोबाइल नंबर से एक दिन में एक बार ही आवेदन किया जा सकेगा। यह सुविधा 9 मई से मिलना प्रारंभ हो जाएगी।
सिलिंडर बैंक बनाने के लिए कहा
डॉ. अमित अग्रवाल ने इस कार्य के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिलिंडरों की रिफिलिंग के लिए जिले में उपायुक्त से चर्चा कर एक स्थान निर्धारित कराएं। साथ ही खाली सिलिंडर का बैंक बनाने की भी व्यवस्था करें ताकि जिस भी मरीज के लिए सिलिंडर रिफिलिंग का आवेदन आया हो, वहां स्वयंसेवी संस्था के वालंटियर भरा हुआ सिलिंडर ही लेकर जाएं और खाली सिलिंडर लेकर भरा हुआ देकर आएं। स्थानीय स्तर पर कम से कम कीमत (यदि जरूरत लगे) अपने स्तर पर तय करने के निर्देश दिए। वीसी में एसडीएम बावल व नोडल अधिकारी संजीव कुमार, जिला रेडक्रास सचिव वाजिद अली ने भी भाग लिया।