रेवाड़ी। 21 नंवबर को नगर परिषद की बैठक के दौरान जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) व महिला पार्षद के बीच हुआ विवाद अभी नहीं थम रहा है। मंगलवार को नगर परिषद परिसर में चेयरपर्सन पूनम यादव ने पत्रकारवार्ता कर डीएमसी के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि डीएमसी शहर के विकास में बाधा बन रही है। करीब सात करोड़ रुपये के विकास कार्यों को रोका हुआ है।
चेयरपर्सन ने कहा कि वार्ड नंबर 12 में लगाए जाने साइन बोर्डों के लिए हाउस ने बैठक में प्रस्ताव पास कर भेजा था, लेकिन उन्होंने मनमर्जी चलाते हुए उन्हें रोक दिया। जबकि यह शहर का सबसे बड़ा वार्ड है,इसलिए यहां साइन बोर्ड लगाए जाने जरूरी है। अब 26 नंवबर को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत से मिलने के बाद आगे की रणनीति तैयार होगी।
उन्होंने कहा कि सोमवार को स्थगित बैठक में शहर के विकास को लेकर सभी पार्षदों ने खाका तैयार कर रखा था, लेकिन डीएमसी के व्यवहार के कारण विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी। शहर में विकास की गति को विराम सा लग गया है, क्योंकि लंबे समय से यहां अधिकारियों की कमी थी। वहीं पार्षद प्रवीण चौधरी ने कहा कि जब तक डीएमसी का तबादला नहीं होगा शहर का विकास प्रभावित रहेगा। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द डीएमसी का तबादला कर देना चाहिए। इसके लिए सभी पार्षद शहरी निकाय मंत्री से लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर शिकायत करेंगे। पार्षद सरिता सैनी ने कहा कि सोमवार को एक महिला अधिकारी द्वारा महिला पार्षद के साथ ही गई अभ्रदता बेहद निंदनीय है। ऐसे अधिकारी का यहां रहना न केवल शहर के विकास के लिए बल्कि पार्षदों के सम्मान के साथ अन्याय होगा। इस अवसर उपप्रधान श्याम चुघ, भूपेंद्र गुप्ता, मनीष गुप्ता, सरिता सैनी, मोनिका, रमेश कुमार, निहाल सिंह, सुरेश शर्मा, पूनम सचदेवा, रेखा, दलीप माटा, राजबाला, रंजना भारद्वाज, सुचित्रा चांदना व नीरज कुमार सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।
बता दें कि सोमवार को नगर परिषद की बैठक में पार्षद सरिता सैनी का डीएमसी के साथ नोकझोंक हो गई थी। इकसे बाद पार्षदों ने डीएमसी पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद डीसी को ज्ञापन सौंपकर तबादले की मांग की थी।