मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच जिले की मंडियों में गेहूं की खरीद जारी है। हालांकि पहले की तुलना में धीरे-धीरे मंडियों में किसानों की संख्या कम होने लगी है। इस बीच सोमवार को रेवाड़ी, बावल व कोसली की मंडियों में 179 किसानों से 9895 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
बता दें कि जिला में इस बार सरसों का भाव खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ज्यादा है। इसलिए किसान मंडी की बजाये सरसों को खुले बाजार में ही बेच रहे हैं। जिले में रेवाड़ी, बावल व कोसली की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद की जा रही है। सभी मंडियों में किसानों के साथ-साथ उनके द्वारा पैदावार भरकर लाए गए वाहनों तक को सैनिटाइज किया जा रहा है।
सोमवार को तीनों मंडियों में खरीदा 9895 क्विंटल गेहूं
जिले की रेवाड़ी, बावल व कोसली की मंडियों में 179 किसानों से 9895 क्विंटल गेेहूं की खरीद की गई। जिनमें रेवाड़ी में 156 किसानों से 8500 क्विंटल, बावल में 13 किसानों से 960 क्विंटल व कोसली की मंडी में 10 किसानों से 435 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
घटने लगी किसानों की संख्या
मंडियों में अब धीरे-धीरे किसानों की संख्या कम होने लगी है। जिले में अधिकांश किसानों का गेहूं खरीदा जा चुका है। ऐसे में मंडी में किसान कम आ रहे हैं। हालांकि किसान सरसों लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र की बजाये प्राइवेट के पास बेच रहे हैं।
रेवाड़ी में 10 रुपये में किसान कर रहे भोजन
प्रशासन की ओर से किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडी में महज 10 रुपये में भरपेट भोजन की व्यवस्था की गई है। जिससे किसानों ने काफी पसंद किया है। किसानों ने कहा कि पहली बार प्रशासन की ओर से किसानों के लिए बेहतरीन व्यवस्था की गई है।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए न केवल मास्क व सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिन किसानों के पास मास्क नहीं होते उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा खरीद प्रक्रिया भी बेहत्तर ढंग से चल रही है।
सत्यप्रकाश, सचिव मार्केट कमेटी रेवाड़ी।