संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से साथी अभियान की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद और उपेक्षित निराश्रित बच्चों तक प्रभावी पहुंच बनाना है। अभियान के तहत एक जिलास्तरीय समिति गठित की गई है जो बच्चों की पहचान, आधार कार्ड पंजीकरण, प्रशिक्षण और अन्य सेवाओं के समन्वय का कार्य करेगी।
सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि साथी अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के कमजोर और उपेक्षित बच्चों की कानूनी पहचान स्थापित करना है, ताकि वे अपने मौलिक अधिकार के साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
इसके तहत ऐसे बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाएंगे। उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और उन्हें विभिन्न सरकारी सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि समिति में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, तहसीलदार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, किशोर पुलिस इकाई के अधिकारी, चाइल्ड केयर संस्थाओं के प्रतिनिधि, पैनल अधिवक्ता, डीएलएसए के पैरा लीगल वॉलंटियर्स और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सर्वेक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके माध्यम से संकट में फंसे बच्चों की पहचान कर, उनका आधार पंजीकरण कराते हुए, उन्हें आवश्यक सहायता और पुनर्वास सेवाएं दी जाएंगी। सहायता प्राप्त करने के इच्छुक नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर कॉल कर सकते हैं।