बावल थाना क्षेत्र के गांव करनावास के पास शनिवार देर रात कैंटर की चपेट में आने से जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द करने के साथ ही अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
इनेलो नेता हरीश झाबुआ ने बताया कि गांव झाबुआ निवासी धर्मबीर सिंह (50) जिला आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान थे। शनिवार देर रात वह कहीं से घर वापस लौट रहे थे। अभी वह गांव करनावास के पास ही पहुंचे थे कि एक तेज रफ्तार कैंटर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल धर्मबीर की मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने कैंटर को कब्जे में लेने के साथ ही फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, परिजनों को सूचना देने के साथ ही शव को मोर्चरी में रखवाया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं परिजनों ने अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
--------
मृतक के भाई हैं पूर्व सरपंच
मृतक धर्मबीर के भाई रामेश्वर झाबुआ गांव के पूर्व सरपंच हैं। ग्रामीणों के अनुसार धर्मबीर मिलनसार थे और राजनीति में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। अपने भाई के कार्यकाल के दौरान उनका काम भी वही संभालते थे।
--------
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान धर्मबीर सिंह का आकस्मिक निधन समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है। उनके जैसा मिलनसार और मुखर व्यक्तित्व बेहद कम लोगों का होता है।
-रामकिशन महलावत, राष्ट्रीय महासचिव, जाट आरक्षण संघर्ष समिति