रेवाड़ी। शहर में अवैध होर्डिंग को हटाने का कार्य फिलहाल शुरू हो चुका है। वीरवार को नगर परिषद ने अवैध होर्डिंग तो हटाए, लेकिन नेताओं के होर्डिंग्स को उन्होंने हाथ तक नहीं लगाया। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
शुक्रवार को नगर परिषद की टीम फील्ड में फिर उतरी। इस बार उन्होंने नेताओं के होर्डिंग्स को हटाने का काम सबसे पहले किया। वहीं, शहर में बड़े पैमाने पर लगे होर्डिंग को लेकर एक बड़ा खुलासा भी हुआ है। दरअसल जब नगर परिषद की टीम लोगों को जाकर नोटिस दे रही है तो लोग यह बता रहे हैं कि जो होर्डिंग लगाया गया है उन्होंने ठेकेदार के संपर्क से लगाया है। नगर परिषद की टीम भी यह सुन एकदम दंग रह जा रही है। ठेकेदार कौन है, इसे लेकर अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है। इतना जरूर है कि जो ठेकेदार यह कर रहा है उसकी नगर परिषद के अधिकारियों के साथ आपस में मिली भगत चल रही है। बिना मिली भगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध होर्डिंग्स लगाना लगभग नामुमकिन जैसा है।
जब नगर परिषद की टीम अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोग टीम से उलझते हुए भी नजर आए। जिस पर नगर परिषद ने कहा कि पहले नोटिस दिया गया तो उसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है। मौके पर कुछ लोगों को बताया कि ऑनलाइन साइट पर जाकर होर्डिंग लगाने के लिए अप्रूवल ली जा सकती है। अधिकतर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि जो होर्डिंग लगाए गए हैं, वह अवैध हैं। लोगों का कहना था कि यह होर्डिंग उन्होंने अपनी दुकान के ऊपर लगाए हैं तो यह अवैध कैसे हो सकते हैं।
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नगर परिषद ने अब अस्पतालों व शिक्षण संस्थानों को फिर भेजा नोटिस
नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि नोटिस तो बहुत पहले ही जारी किया गया था। इसके बावजूद अभी तक होर्डिंग नहीं हटाए गए हैं। साथ ही अब दोबारा से रिमाइंडर भेजा गया है ताकि होर्डिंग हटा लिया जाए। शनिवार को करीब 10 अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों को नोटिस दिया गया है।
अवैध होर्डिंग को हटाने को लेकर 10 अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को नोटिस दिया गया है। जल्द ही शहर से अवैध होर्डिंग को हटा दिया जाएगा। -
कुशल, जेई, नगर परिषद