संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के एक निजी अस्पताल में स्टंट डालने के नाम पर रुपये ले लिए गए लेकिन स्टंट नहीं डाला गया। बाद में दूसरे अस्पताल में पता चला कि स्टंट नहीं डाला गया है। हालांकि बाद में मरीज की मौत हो गई। अब परिजनों ने मामले की शिकायत सीएमओ और थाना प्रभारी से की है।
नंगली गोधा निवासी हेमंत कुमार ने बताया कि 20 जून को उसके भाई मुकेश कुमार के सीने में दर्द हुआ था। इस दौरान वह शहर के प्रतिष्ठित अस्पताल में इलाज के लिए गया था। वहां पर उसे बताया गया कि उसके भाई की एक नस ब्लॉक है, स्टंट डालना पडे़गा जिसमें 1 लाख 35 हजार रुपये खर्च आएगा। आपरेशन 1 लाख 15 हजार में तय हुआ। 22 जून को छुट्टी लेकर उसका भाई घर आ गया। उसके 3 दिन बाद भाई के सीने में फिर दर्द उठा। दोबारा जब वह अपने भाई को उसी अस्पताल में लेकर गए तो बताया गया कि अभी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नहीं है। हेमंत का कहना है कि वह शहर के दूसरे अस्पताल में अपने भाई को इलाज के लिए ले गए तो वहां पर बताया गया कि उसके भाई के ऑपरेशन के दौरान स्टंट नहीं डाला गया है।
हेमंत का कहना है कि उससे स्टंट के नाम पर अस्पताल ने पैसे ले लिए। कुछ समय बाद उसके भाई को ब्रेन हेमरेज की शिकायत हो गई जिससे 27 जून को उनकी मौत हो गई। अब हेमंत ने मामले की शिकायत थाना माडल टाउन और रेवाड़ी सीएमओ से की है। वहीं, मॉडल टाउन थाना के प्रभारी कृष्ण कुमार का कहना है कि हमारे पास अभी शिकायत नहीं आई है।म