धारूहेड़ा। वार्ड नंबर 3 में एक दशक पहले सड़कों का निर्माण कराया गया था लेकिन उसके बाद किसी प्रकार का सुधार या रखरखाव नहीं किया गया। वर्तमान में सड़कों की हालत खराब हो चुकी है। कई जगहों पर सड़कें बीच से धंस गई हैं। बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं।
मोहल्ले में बिजली व्यवस्था भी दयनीय स्थिति में है। कई बिजली के खंभे जर्जर हालत में एक तरफ झुके हुए हैं जो कभी भी गिरकर हादसे का कारण बन सकते हैं। वहीं कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खंभों से गायब हैं जिससे रात के समय अंधेरा छाया रहता है।
बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़कों की खराब हालत के कारण जलभराव हो जाता है जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। कई स्थानों पर सीवर के मैनहोल चैंबर टूटकर धंस चुके हैं। जिससे सीवर का गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है।
मोहल्ले की सड़कें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। 10 साल पहले बनी थीं लेकिन उसके बाद कोई रखरखाव नहीं किया गया। जगह-जगह गड्ढे हैं और कई हिस्सों में सड़क धंस गई हैं। रोजाना आने-जाने में परेशानी होती है। प्रशासन को जल्द मरम्मत करानी चाहिए।
सुदेश कुमार, वार्ड 3
मोहल्ले में सफाई व्यवस्था बिल्कुल नहीं है। नगरपालिका का कोई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आता। गंदगी बढ़ती जा रही है, जिससे बीमारियों का डर बना रहता है। इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
संजय सैनी, वार्ड 3
बिजली के खंभे काफी जर्जर हो चुके हैं और कई जगह झुके हुए हैं। रात में स्ट्रीट लाइट भी नहीं जलती जिससे अंधेरा रहता है। इससे चोरी और हादसे का खतरा बना रहता है। इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
अंकित कुमार, वार्ड 3
बरसात के समय मोहल्ले की हालत और खराब हो जाती है। सड़कों पर पानी भर जाता है और निकलना मुश्किल हो जाता है। जलभराव के कारण कई बार घरों में भी पानी घुस जाता है। जल निकासी की व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।
प्रवीण सैनी, वार्ड 3
सीवर व्यवस्था भी पूरी तरह बिगड़ चुकी है। कई मैनहोल टूटे हुए हैं और सीवर ओवरफ्लो होकर सड़क पर गंदा पानी फैलाता है। इससे बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ता है। प्रशासन को जल्द सीवर सिस्टम ठीक करना चाहिए।
सोहन कुमार, वार्ड 3
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नगर पालिका द्वारा गालियों के पुनर्निर्माण के लिए बजट पास किया जा चुका है। बिजली के खंभे नए लगवाए गए हैं। इस कॉलोनी में कुछ अराजक तत्वों के कारण तथा लोगों की आपसी मतभेद के कारण निर्माण कर अटका हुआ है। हमने बेहतर सुविधा देने के लिए पूरी कोशिश की है।
सरोज बाला, निवर्तमान पार्षद, वार्ड संख्या 3 धारूहेड़ा