रेवाड़ी। मत्स्य पालन को अपनाकर गांव नंदरामपुर बास निवासी देवेश कुमार और गांव गुमिना की सुशीला देवी ने न सिर्फ अपनी जिंदगी संवारी है बल्कि दोनों अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं।
गांव नंदरामपुर बास निवासी देवेश कुमार ने मत्स्य पालन से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मत्स्य पालन उनके लिए आजीविका एवं आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है।
मत्स्य पालन विभाग से प्राप्त मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग और योजना से उन्हें इस गतिविधि को बेहतर तरीके से संचालित करने में सहायता मिली। योजना की उचित जानकारी एवं वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान मत्स्य पालन को एक उपयोगी व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं।
वहीं, गांव गुमिना निवासी सुशीला देवी ने बताया कि मत्स्य पालन के माध्यम से उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर एवं उत्पादक उपयोग हो रहा है तथा इससे आय के अतिरिक्त अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग की ओर से दिए जा रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। विशेषकर इसे महिलाएं स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आजीविका चला सकती हैं।
जिला मत्स्य अधिकारी अंजू रानी ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ना तथा ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार एवं आय के नए अवसरों को बढ़ावा देना है। मत्स्य पालन के माध्यम से जहां किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, वहीं उपलब्ध जल संसाधनों का भी समुचित एवं उत्पादक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है।
विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नंदरामपुर बास निवासी देवेश कुमार