रेवाड़ी। हुसैनपुर स्थित जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में संस्कृत स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला थिएटर इन एजुकेशन का शुक्रवार को समापन हुआ। इसमें 155 अध्यापकों व प्राध्यापकों ने भाग शिक्षण के तरीके सीखे। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी विजेंद्र हुड्डा ने कहा कि बच्चों में सीखने की क्षमता विकसित करना अध्यापक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अध्यापक को छात्रों के सामने रोल मॉडल बनकर प्रस्तुत होना चाहिए और अपने व्यवहार व कार्यशैली से विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए।
कार्यशाला संयोजक अनिल यादव ने बताया कि यह कार्यक्रम सीसीआरटी के निदेशक राजीव कुमार और उपनिदेशक आशुतोष शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उपनिदेशक ने बताया कि सीसीआरटी का उद्देश्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है और इसके लिए देशभर के विभिन्न केंद्रों पर वर्षभर कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं।
पांच दिन चली इस कार्यशाला में शिक्षकों को स्टोरी टेलिंग, नवरस, शारीरिक भाषा, स्क्रिप्ट राइटिंग, रोल प्ले, थिएटर आधारित लेसन प्लान, फोरम थिएटर, माइम, हरियाणवी लोक थिएटर, रागनी व अन्य गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
सुनीता, ललित कुमार, निशा कुमारी, नित्यानंद और राहुल यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यशाला में डॉ. जूलिया सिद्धार्थ वानखेडे, हिम्मत सिंह नेगी, सीमा वाही मुखर्जी, मुस्कान, फरमान, सतवीर सिंह नाहड़िया, सुधीर यादव, दीपक कुमार व अनिल यादव ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया।
सीसीआरटी समन्वयक विनोद कुमार, कोमल और तरुण ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। डाइट से दीपक कुमार और डॉ. नरेंद्र कुमार का विशेष सहयोग रहा।