रेवाड़ी। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर गहमागहमी है। इस बीच धारूहेड़ा विकास खंड के गांव नंदरामपुर बास में समाज सेवा के लिए एक अध्यापिका ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। साथ ही गांव में सरपंच पद के लिए पर्चा दाखिल किया है। वे अब गांव की मुखिया बनकर क्षेत्र के लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
अंग्रेजी की अध्यापिका देवकी एमए व बीएड की पढ़ाई करने के बाद शहर के ही एक प्राइवेट स्कूल में अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। 35 हजार रुपये की नौकरी छोड़कर वह गांव में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरपंच के चुनाव लड़ रही हैं। सामान्य परिवार से संबंध रखने वाली देवकी का पारिवारिक पृष्ठभूमि कुछ भी नहीं है। उसके परिवार में वह पहली महिला है जो चुनाव के लिए मैदान में है। इस गांव में 22 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन किया, लेकिन पांच लोगों ने अपने नाम वापस ले लिया। अब यहां चुनाव मैदान में 17 प्रत्याशी है, जिनमें देवकी सबसे अधिक शिक्षित महिला है।
गांव के विकास के लिए लड़ रही चुनाव
शिक्षिका देवकी ने पंचायत चुनाव में अपना भाग्य आजमाने के लिए अपने पद त्याग दिया है और गांव की सरकार को मजबूती प्रदान करने के लिए उन्होंने मुखिया पद के लिए नामांकन किया है। उसने बताया कि गांव में शिक्षा स्तर बेहद कमजोर है। वह सबसे पहले शिक्षा का स्तर सुधारने के साथ ही बच्चों के लिए गांव में ही लाइब्रेरी की सुविधा कराएंगी। ग्राम विकास को बढ़ावा देने के साथ ही वह महिलाओं की शिक्षा पर विशेष कार्य करेगी।