रेवाड़ी। चुनाव ड्यूटी के दौरान हिंसक घटनाओं, बम ब्लास्ट या आतंकवादी घटनाओं या गोलीबारी इत्यादि के कारण मौत हो जाने पर पोलिंग और सुरक्षाकर्मियों के परिवार के सदस्यों को एक्सग्रेशिया के तहत 30 लाख रुपये सहायता प्रदान की जाएगी। डीसी राहुल हुड्डा ने इसकी जानकारी दी।
बताया कि चुनावी प्रक्रिया की ड्यूटी पर किसी अन्य कारणों से मृत्यु हो जाने पर 15 लाख रुपये, असामाजिक तत्वों द्वारा हमले के कारण कर्मचारी के स्थायी दिव्यांग होने पर 15 लाख रुपये, शरीर के किसी अंग या आंखों की दृष्टि जाने की स्थिति में 7.5 लाख रुपये परिवारजनों को दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक्सग्रेशिया राशि केंद्रीय गृह मंत्रालय या राज्य सरकार या अन्य नियोक्ता द्वारा दी जाने वाले अनुकंपा राशि से अतिरिक्त होगी। उन्होंने बताया कि अनुकंपा राशि की प्रक्रिया शुरू करने की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक की होगी। कर्मचारी की मृत्यु, दिव्यांग इत्यादि होने की घटना की तिथि से 10 दिन के अंदर आरंभ करनी होगी। उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा 1 माह के भीतर संबंधित मामले का निपटान सुनिश्चित किया जाएगा।
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वरिष्ठ अधिकारी को बनाया जाएगा नोडल अधिकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पोलिंग कर्मियों के लिए ट्रेनिंग केंद्र, डिस्पैच तथा रिसीविंग केंद्रों पर स्वास्थ्य देखभाल, फर्स्ट-एड इत्यादि की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ युक्त एक एंबुलेंस की भी व्यवस्था होगी। साथ ही सभी चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के वेलफेयर व अन्य सुविधाओं के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जाएगा।