कोसली। गांव बव्वा में रविवार रात मामा-भांजे के बीच पैसे को लेकर हुए विवाद में अब नए खुलासे हो रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर नोटबंदी के समय की यादों को ताजा कर दिया है।
मृतक परशुराम के बेटे अक्षय के अनुसार आरोपी रोहित ने नोटबंदी के दौरान उनके पिता परशुराम के खाते में पैसे डलवाए थे और कहा था कि जरूरत पड़ने पर खर्च कर लेना, बाद में हिसाब कर लेंगे। समय के साथ कुछ पैसे खर्च हो गए।
इसके बाद रोहित ने पैसों को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया और कंपनी में जाकर भी परशुराम को परेशान करने लगा। इस व्यवहार से आहत होकर परशुराम ने साफ कह दिया कि इस तरह परेशान करोगे तो पैसे नहीं दूंगा। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत बंद हो गई।
अक्षय ने बताया कि रविवार को उनका परिवार गांव आया हुआ था। उसी दिन रोहित भी अपने दोस्त की शादी में गांव पहुंचा। जब रोहित उनके घर आया, तो अक्षय कोल्ड ड्रिंक लेने बाहर चला गया। वापस लौटने पर उसने देखा कि रोहित अपने दोस्तों और पत्नी के साथ मिलकर उसके पिता के साथ मारपीट कर रहा था।
परिवार का कहना है कि रोहित ने बिना मांगे नोटबंदी में पैसे डाले थे और बाद में नाजायज दबाव बनाया। परशुराम का कहना था कि वह अधिकतर पैसे लौटा चुके हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
गौरतलब है कि परशुराम की रविवार रात पीट-पीटकर रोहित व उसके साथियों ने हत्या कर दी थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तार के प्रयास कर रही है।