रेवाड़ी। विभिन्न मांगों को लेकर नंबरदार एसोसिएशन की बैठक बाल भवन रेवाड़ी में जिला प्रधान उदयराज राव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित नंबरदारों ने अपने-अपने गांवों में शांतिपूर्वक तथा अधिक से अधिक मतदान करवाने का एसडीएम विकास यादव को आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला प्रधान ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में नम्बदारों के 23 हजार पद स्वीकृत है। नम्बरदारों का राजस्व कार्यों में अहम योगदान है। राज्य में लगभग शत प्रतिशत जमीनों की रजिस्ट्रियों की शनाख्त नंबरदारों की ओर आज भी कराई जा रही है। जमीनों की गिरदावरी व इंतकाल भी नंबरदारों की तसदीक से किया जाता है। प्राकृतिक आपदा के समय फसलों में हुए नुकसान की सूचना भी नंबरदारों की उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है। नंबरदारों के द्वारा ही जमीन के वारिसों की पहचान की जाती है। नंबरदार की तसदीक के आधार पर ही जाति व रिहायसी प्रमाण-पत्र बनाए जाते है। प्रेस सचिव जोगेन्दर राव ने कहा कि जमीन की रजिस्ट्रियां नंबरदारों की तसदीक के आधार पर की जा रही है। कोई भी रजिस्ट्री ऑनलाइन अथवा पहचान पत्र के आधार नहीं की गई है। अब सरकार राजस्व रिकार्ड को परिवार पहचान पत्र से जोड़ने की योजना बना रही है, इसमें नंबरदारों की अहम भूमिका रहेगी। ऐसी स्थिति में नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक लगाकर सरकार ने अपने ही राजस्व कार्यों में बाधा पहुंचाने का कार्य हुआ है। बहुत से गांवों में नंबरदारों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। ऐसी स्थिति में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को गांवों की जमीन से जोड़ने का कार्य कैसे संभव हो पाएगा।
तहसील प्रधान जसवंत सिंह ने कहा कि नंबरदारों की नई नियुक्ति पर वर्ष 2021 से सरकार ने रोक लगाई हुई है। आशा है कि सरकार नंबरदारों के विरुद्ध जारी पत्र को निरस्त करके नंबरदारों की नियुक्ति पर लगी रोक को संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर तुरंत प्रभाव से हटाने का कार्य करेगी।
इस अवसर पर एसोसिएशन से महासचिव धर्मबीर नम्बरदार मुरादपुरी, रामकिशन कान्होरी, बीरसिंह भटसाना, दयानंद गुर्जरीवास, संजय कुमार ढोकिया, चन्द्रसेन नम्बरदार, शिवराज सिंह नंदरामपुरबास, विनोद कुमार माजरा गुरदास, मंगतूराम काठुवास, मोतीराम ततारपुर, रूपचंद लिसाना, विकास यादव गुरावड़ा, मांगेलाल लिसाना आदि नम्बरदार उपस्थिति रहे।