सम्मेलन में पहुंचे लोग। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। अरावली बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में यादव धर्मशाला में सम्मेलन आयोजन किया गया। इसमें लोगों ने अरावली संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
वक्ताओं ने अरावली पर्वत शृंखला को जीवनदायिनी बताते हुए कहा कि इसका संरक्षण मानव जीवन, कृषि, प्राकृतिक संतुलन, जीव-जंतुओं और भूजल के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अरावली को किसी सीमित परिभाषा में नहीं बांधा जा सकता।
समापन संबोधन में राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि अरावली की कटाई रोकने और पर्यावरण बचाने के लिए व्यापक जन आंदोलन ही एकमात्र प्रभावी मार्ग है। इस मौके पर मनोज यादव, कैलाश चंद, हेमंत कुमार, कृष्ण कुमार, डॉ. पूनम यादव, डॉ. कंवर सिंह यादव मौजूद रहे।