रेवाड़ी। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की ओर से जमाबंदी व इंतकाल के लिए लागू नए पोर्टल में तकनीकी खराबी और रिकॉर्ड संबंधी समस्याओं को लेकर पटवारियोें ने सोमवार को सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। यह धरना 25 को अगस्त को जारी रहेगा। मांगों को लेकर 220 पटवारी हड़ताल पर हैं। इससे इंतकाल, नक्शा आदि कार्य ठप पड़े हैं जिससे लोग परेशान हैं।
एसोसिएशन ने नए पोर्टल की सभी तकनीकी समस्याओं को दूर करने, ऑटो म्यूटेशन में गलत इंतकाल दर्ज होने पर आईटी विभाग की जिम्मेदार ठहराने, तहसीलों में ऑनलाइन कार्य हेतु पर्याप्त कंप्यूटर सिस्टम एवं सर्वे के लिए टैबलेट देने की मांग की।
इसके अतिरिक्त डिजिटल क्रॉप सर्वे को अन्य राज्यों की तर्ज पर प्राइवेट एजेंसी से करवाने अथवा इसकी रेंज न्यूनतम 150 मीटर करने, फेस ऑथेंटिकेशन हटाने तथा गिरदावरी से संबंधित सरकारी कार्यों के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे से ही डेटा लिए जाने की मांग भी रखी गई।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक उपरोक्त मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए एसोसिएशन आगामी रणनीति तय करेगी। एसोसिएशन ने सरकार एवं प्रशासन से कर्मचारियों और आमजन की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मांगों का शीघ्र समाधान करने की अपील की।
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान रणबीर सिंह ने की। इस अवसर पर जिला सचिव नवीन यादव, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह, कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार, उपप्रधान हेमंत, ऑफिस कानूनगो राकेश, विजय, नीतेश, अमर चंद, सुनील, मनोज कानूनगो, संजय लांबा, ओमप्रकाश, सतपाल यादव, सत्त रूप शर्मा, ज्ञान सिंह उपस्थित रहे।
हड़ताल के चलते ठप पड़े ये कार्य
हड़ताल के कारण डीसीएस, गिरदावरी, डोमिसाइल, नक्शा, इंतकाल, जमाबंदी, फर्द और न्यायालय से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पटवारियों के हड़ताल पर जाने की जानकारी पहले से होने के कारण सोमवार को कार्यालयों में बहुत कम लोग पहुंचे। जो लोग अपने जरूरी काम के लिए पटवारखानों में पहुंचे, उन्हें कार्यालयों पर ताले लटके मिले जिससे निराश लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी डोमिसाइल बनवाने वाले लोगों को हुई। इन दिनों कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रमाण पत्रों की जरूरत पड़ रही है। डोमिसाइल बनवाने के लिए सुनील कुमार ने बताया कि हड़ताल की वजह से कार्य नहीं हो पाया। इंतकाल के लिए राजीव यादव ने कहा कि हड़ताल के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा। काफी परेशानी हुई।