संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गर्मी की दस्तक होते ही लोगों का खादी के कपड़ों के प्रति रुझान बढ़ गया है। गर्मी में खादी के कपड़े शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं। यही वजह है कि इसकी मांग बढ़ गई है। इस बार स्थिति यह है कि मार्च में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। शहर स्थित खादी भंडार की दुकान में लोग खादी के कपड़े खरीदने पहुंच रहे हैं। सप्ताह भर में ही खादी की कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है। खादी के कपड़े अन्य कपड़ों से सस्ता है और शरीर के लिए नुकसानदेह भी नहीं है। खादी को युवा भी पसंद कर रहे हैं।
गर्मी में लोग संतुलित आहार-विहार के साथ पहनावे का भी ध्यान रखते हैं। खासतौर से सूती और खादी के कपड़ों को लोग अधिक पसंद करते हैं। इसकी वजह यह है कि खादी के कपड़े पसीना सोख लेते हैं और गर्मी से राहत भी मिलती है। अधिकांश शोरूम संचालक पहले सूरत से कपड़े मंगाते हैं लेकिन भामलपुर, मेरठ, मुंबई और तिलखाना आदि शहरों से सूती और खादी के विभिन्न श्रेणियों के कपड़े मांग रहे हैं। इनमें प्योर खादी, हथकरघा से बना खादी, लीनन खादी, खादी सिल्क, प्योर सिल्क आदि वेराइटी शामिल हैं। इन कपड़ों की कीमतें भी अलग अलग हैं। 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये प्रति मीटर तक के खादी कपड़े उपलब्ध हैं। पहले प्राय: नेता और बुजुर्ग खादी के कपड़े से बने परिधानों को पहनते थे लेकिन अब खादी के कपड़ों की मांग युवाओं और युवतियों में भी बढ़ी है। शहर स्थित खादी भंडार के विपिन जैन ने बताया कि खादी के कपड़े के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ा है। लोग हल्के कपड़े के साथ खादी को बेहद पसंद कर रहे हैं। खादी भंडार में सफेद और रंगबिरंगी खादी के कपड़े उपलब्ध हैं जो लोगों को लुभा रहे हैं। लोग शर्ट के लिए कपड़े खरीद रहे हैं। युवाओं में बढ़ती मांग को देखते हुए सिलेसिलाए शर्ट, कुर्ता-पाजामा, कुर्ती और अन्य पारंपरिक पोशाक उपलब्ध हैं।
-
कुर्ती और जैकेट का फैशन बरकरार
जैन ने बताया कि खादी की कुर्ती और जैकेट का फैशन बरकरार है। युवतियां जीन्स, पेंसिल पैंट से लेकर प्लाजो के साथ मैचिंग कलर की कुर्ती पहन सकती हैं। नेहरू जैकेट से लेकर मोदी जैकेट है जिनकी मांग है। खादी के जैकेट्स में पुरुषों ही नहीं महिलाओं के लिए भी बहुत सारी वेरायटी है।
शोरूमों में सूती कपड़े की मांग
ब्रांडेड कंपनियों के शोरूमों में समर कलेक्शन उपलब्ध हैं जिनकी मांग अधिक है। सूती और खादी की टी-शर्ट, शर्ट के साथ ट्राउजर और कैपरी भी आई है। गर्मी आने के साथ लोग सूती कपड़े खरीदने लगे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ इनकी बिक्री में बढ़ोतरी की संभावना है। फिलहाल कम बिक्री को देखते हुए व्यापारियों ने इन नए कलेक्शन पर दस फीसदी की छूट दी हुई है, ताकि बिक्री को बढ़ाया जा सके। व्यापारियों ने बताया कि अप्रैल के द्वितीय सप्ताह तक बिक्री में काफी तेजी आ जाएगी।