संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के 33 स्कूलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क के तहत कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें एग्रीकल्चर, ऑटोमोबाइल, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थ केयर की शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को टूल किट दिए गए हैं। छात्र टूल किट घर ले जाकर अभ्यास कर सकते हैं। कुल 33 स्कूलों के 1577 विद्यार्थियों को टूल किट उपलब्ध करवाई गई है। इसका उद्देश्य पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है।
सीहा स्थित सरकारी स्कूल में कृषि की टूल किट 36 विद्यार्थियों को दी गई है। चार सरकारी स्कूलों में 190 विद्यार्थियों को ऑटोमोबाइल्स की टूल किट दी गई हैं। 14 सरकारी स्कूलों में ब्यूटी एंड वेलनेस की 661 और 14 अन्य सरकारी स्कूलों में हेल्थ केयर की 690 टूल किट वितरित की गई है। एपीसी कृष्ण कुमार ने बताया कि यह कौशल प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, नौकरी बाजार, सामान्य और तकनीकी शिक्षा के बीच बहु प्रवेश और निकास की सुविधा प्रदान करता है। यह ऐसे अवसर प्रदान करता है जो कौशल विकास के साथ-साथ आजीवन प्रशिक्षण और शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इन किटों के जरिये विद्यार्थी अपने विषय के एक्सपर्ट बनेंगे ताकि उन्हें आसानी से किसी भी संस्थान में नौकरी मिल सके।
बता दें कि यह पूरा प्रोग्राम व्यावहारिक होता है। पेपर 100 नंबर का होता है। 30 प्रतिशत ही लिखित परीक्षा होती है। इसमें 70 प्रतिशत अभ्यास इसलिए करवाया जाता है ताकि छात्र विद्यार्थी जीवन में ही कौशल के उस मुकाम को हासिल कर सकें जिससे वह आने वाले समय में आत्मनिर्भर बन सकें। इससे यह लाभ मिलेगा कि दूसरे छात्रों के मुकाबले उनकी समझ काफी विकसित होगी।
कंपनियों में कराया जाएगा दौरा
इस योजना के तहत स्कूली छात्रों को फील्ड में भी घुमाया जाता है। जिन छात्रों ने जो विषय लिए होते हैं, उसके आधार पर उन्हें कंपनियों में कार्य को देखने के लिए भेजा जाता है। दौरे के लिए भी बजट उपलब्ध कराया जाता है। इससे छात्र में समझ विकसित होती है। साथ ही वह कंपनियों में होने वाले कार्यों के तौर तरीकों से भी अवगत होते हैं। टूल किट 9वीं और 11वीं के छात्रों को मिलती है। जो टूल किट नौवीं के छात्रों को मिलती है, उसका उपयोग विद्यार्थी दसवीं कक्षा तक कर सकते हैं और जो टूल किट 11वीं के छात्रों को मिलती है, उसका उपयोग 12वीं कक्षा तक किया जा सकता है। अगर कोई छात्र पाॅलीटेक्निक में प्रवेश लेता है तो उसे एक साल का अतिरिक्त लाभ मिलता है। अर्थात वह सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश कर सकता है।
वर्जन
इन सभी टूल किट स्कूलों में वितरित की जा चुकी है। इससे विद्यार्थियों को अपने कौशल को विकसित करने का मौका मिलेगा। साथ ही जिस क्षेत्र में विद्यार्थी आगे बढ़ना चाहते हैं, उन विद्यार्थियों को उसका लाभ मिलेगा। -कृष्ण कुमार, एपीसी रेवाड़ी।
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