बावल।औद्योगिक क्षेत्र बावल और आसपास के इलाकों में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत दिलाने के लिए बिजली निगम ने 132 केवी गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन (जीआईएस) की स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सब-स्टेशन के स्ट्रक्चरल और लेआउट प्लान को मुख्यालय के डिजाइन विंग से मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद फाइल टेंडर विंग को भेज दी गई है। अधिकारियों के अनुसार प्रक्रिया निर्धारित समय पर आगे बढ़ी तो अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक टेंडर जारी किया जा सकता है।
इसमें कुल चार पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इनमें 132/11 केवी क्षमता के दो ट्रांसफार्मर 20-20 एमवीए के होंगे, जबकि 132/33 केवी क्षमता के दो ट्रांसफार्मर 50-50 एमवीए के होंगे। इससे स्थानीय वितरण व्यवस्था के साथ औद्योगिक कनेक्शनों और सब-ट्रांसमिशन नेटवर्क को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
एचवीपीएनएल के एक्सईएन संजय यादव ने बताया कि बावल 132 केवी जीआईएस सब-स्टेशन की डिजाइन मंजूर हो चुकी है। फिलहाल टेंडर विंग में दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं और अक्तूबर के अंत तक बिड जारी होने की उम्मीद है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी वर्ष निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास रहेगा।
अक्तूबर में बिड जारी होने के बाद तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद चयनित एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर सिविल वर्क और फाउंडेशन का काम शुरू कराया जाएगा। वहीं, धारूहेड़ा में 66 केवी जीआईएस सब-स्टेशन का निर्माण पहले से चल रहा है। दोनों परियोजनाओं से औद्योगिक क्षेत्रों की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।