संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा स्थित सेक्टर-6 थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक परचून की दुकान में रविवार रात आग लग गई। आग की चपेट में परचून की दुकान के नीचे स्थित कैफे और एक चश्मे की दुकान भी आ गई। तीनों दुकानों में आग से काफी नुकसान हुआ।
सेक्टर-6 निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि वह सेक्टर-6 में परचून की दुकान चलाते हैं। रोजाना की तरह रात को दुकान बंद कर अपने घर गए थे। 12:45 बजे पर दुकान में आग लगने की सूचना मिली तो इसकी जानकारी फायर ब्रिगेड को दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी को पहुंचने में डेढ़ घंटे लग गए। आग पर काबू पाने में पहले छोटी गाड़ी फिर बड़ी गाड़ी का सहारा लेना पड़ा़। ओमप्रकाश के मुताबिक आग शरारती तत्वों ने लगाई है। साइबर कैफे संचालक पंचम कुमार ने बताया कि ऊपर परचून की दुकान में आग लगने के बाद लपटें साइबर कैफे तक पहुंची जिससे कैफे के अंदर सामान को भी नुकसान पहुंचा है। कैफे के अंदर रखा हुआ कंप्यूटर, इनवर्टर बैटरी सहित अन्य सामान भी जलकर राख गया है। मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है।
सुनील कुमार ने बताया कि सेक्टर-6 में उनकी चश्मे की दुकान है। बगल की दुकान में लगी आग उनकी दुकान तक भी पहुंच गई, जिससे दुकान में रखा आंख जांच करने की मशीन सहित अन्य सामान जलकर नष्ट हो गए। 9 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। परचून दुकान संचालक का कहना है कि उसका करीब 10 से 12 लाख रुपये का सामान जला है। कैफे संचालक का कहना है कि उसका तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
पहले भी हो चुकी हैं इस तरह की घटनाएं
सेक्टर-6 में परचून की दुकान में लगी आग का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दो बार एक परचून की दुकान में आग लग चुकी है। उस समय भी शरारती तत्वों की ओर से आग लगाए जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन सबूत के अभाव में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। उधर, लोगों ने थाने के मुख्य द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे से जांच करवाने की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि यह कैमरा सही होता तो आग लगाने वालों का भी पता चल सकता था। लोगों का कहना है कि पुलिस की व्यवस्था अधूरी है।
सेक्टर-6 में सड़कों के ऊपर अवैध बैरिकेटिंग बन रही बाधा
सेक्टर-6 में सड़कों के ऊपर अवैध बैरिकेटिंग लगाकर बड़ी गाड़ियों को आने पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है, जिसको लेकर नगर पालिका व हुडा विभाग को कई बार शिकायत भी दी जा चुकी है।लेकिन सड़कों पर लगे बैरिकेटिंग को नहीं हटाया गया है, जिसके चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ी को त्वरित आने में समय लग जाता है। गाड़ी को घूम कर आना पड़ता है। घूम कर आने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी देरी से सेक्टर में पहुंच पाती है। जिससे लोगों को ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ता है।
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पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। हालांकि, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट लग रहा है।-राजेश कुमार, जांच अधिकारी