समझौता ज्ञापन के दौरान एकजुट शिक्षक। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय और साइबर थ्रेट पानीपत के बीच साइबर सुरक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और डिजिटल फॉरेंसिक से संबंधित व्यावहारिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं। एमओयू से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ साइबर दुनिया की व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण मिलेगा।
कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में साइबर सिक्योरिटी एंड लॉ और डिप्लोमा इन डिजिटल फॉरेंसिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। विद्यार्थियों को साइबर अपराध की रोकथाम, नेटवर्क एवं सूचना सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, एथिकल हैकिंग, क्लाउड व मोबाइल सिक्योरिटी तथा साइबर लॉ की जानकारी दी जाएगी।
डिजिटल फॉरेंसिक पाठ्यक्रम में डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पहचान, संरक्षण तथा कंप्यूटर व मोबाइल फॉरेंसिक का प्रशिक्षण मिलेगा।
साइबर थ्रेट के निदेशक सनी त्यागी ने कहा कि एमओयू से शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर प्रो. सुनील कुमार, प्रो. पंकज कुमार त्यागी, प्रो. रश्मि पुंडीर और प्रो. सतेंद्र बल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।