रेवाड़ी। शहर के बाल भवन परिसर में गीता थीम के साथ शनिवार को तीन दिवसीय गीता महोत्सव का शंखनाद व स्वस्तिवाचन के साथ आगाज हुआ। गीता महोत्सव का शुभारंभ विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने किया। इसके बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, स्थानीय निकाय और नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने महोत्सव का अवलोकन किया।
राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि गीता एक ग्रंथ ही नहीं बल्कि बेहतर जीवन जीने का सिद्धांत है जिसमें सभी सवालों के जवाब हैं। श्रीमद्भागवत गीता का भारतीय संस्कृति, धर्म एवं दर्शन पर गहरा प्रभाव रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को आज गीता के संदेशों को अपने जीवन में अपनाकर बेहतर समाज का निर्माण करना चाहिए।
विधायक ने कहा कि विश्व के महान ग्रंथ श्रीमद्भागवतगीता को मानवता का कालातीत मार्गदर्शक माना गया है। गीता धार्मिक ग्रंथ के साथ-साथ जीवन प्रबंधन, कर्तव्य पथ और मानव मूल्यों का ऐसा विश्वकोष है जो हर युग में हमारे सामने नई रोशनी लाता है।
उन्होंने कहा कि गीता हमारे ग्रंथों का गौरव ही नहीं बल्कि भारत की आत्मा है। यह हमें कर्तव्य ही पूज्य है और कर्म ही पूजा है कि प्रेरणा देती है। इसलिए हम गीता को पढ़कर अपने व्यवहार, अपने निर्णयों में और अपने राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भाव में उतारे। आज के युग में जहां तकनीक तीव्र गति से बदल रही है और जीवन में तनाव, असमंजस और प्रतिस्पर्धा पहले से अधिक होती जा रही है।
ऐसे समय में गीता हमें स्थिरता, धैर्य और सही निर्णय लेने की बुद्धि प्रदान करती है। गीता से हमें जीवन की कैसी भी परिस्थितियों में अपना कर्तव्य करते रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो मन को संतुलित रखते हुए अपने लक्ष्य पर ध्यान रखते है।
गीता महोत्सव प्रदर्शनी में दिखी हरियाणा के विकास की झलक
डीआईपीआरओ दिनेश कुमार ने बताया कि जागरूकता प्रदर्शनी में हरियाणा के विकास की झलक दिखाई दी। इसमें सूचना जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के साथ-साथ हमारी विरासत-म्हारा रेवाड़ी, पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों और संगठनों की स्टॉल लगाई गई है। गीता महोत्सव में प्रतिभागियों द्वारा गीता सार, नृत्य नाटिका, योग, मलखम, भजन, देशभक्ति समूह गान, हरियाणवी समूह गान, एकल अभिनय, समूह नृत्य अभिमन्यु चक्रव्यूह भेदन, भजन, राधे कृष्णा समूह नृत्य, राधा कृष्ण नृत्य, हरियाणवी पॉप, समूह नृत्य नारी शक्ति, रागनी, एकल गायन, कृष्ण अर्जुन संवाद, नृत्य, लघु नाटिका आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर मन मोह लिया।
सेल्फी पॉइंट बना आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के मुख्य द्वार पर बनाए गए आई लव रेवाड़ी व शंखनाद सेल्फी पॉइंट सभी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शहर को साफ व सुंदर बनाने की मुहिम को सार्थक करने का आई लव रेवाड़ी सेल्फी पॉइंट बनाया गया है। वहीं श्रीकृष्ण के शंख की कलात्मक आकृति से तैयार किया गए सेल्फी पॉइंट पर दिन भर स्कूली बच्चे, कर्मचारी, अधिकारी, शहर व ग्रामीण क्षेत्र से लोग सेल्फी लेते नजर आए। गीता महोत्सव में प्रदेश के पारंपरिक नगाड़ा, बीन इत्यादि वाद्य यंत्रों व विधाओं का भी प्रदर्शन किया गया।
गीता महोत्सव में प्रस्तुति देते बाल कलाकार। स्रोत : प्रशासन
गीता महोत्सव में प्रस्तुति देते बाल कलाकार। स्रोत : प्रशासन
गीता महोत्सव में प्रस्तुति देते बाल कलाकार। स्रोत : प्रशासन