सैन्य सम्मान के साथ सीआरपीएफ जवान सतीश कुमार का किया गया अंतिम संस्कार। संवाद
कुंड। गांव मामड़िया आसमपुर निवासी सीआरपीएफ जवान सतीश कुमार (39) की जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में पिस्टल साफ करते समय गोली लगने से मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही गांव शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार की शाम जवान पार्थिव शरीर गांव में पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारत माता के जयकारों और शहीद अमर रहे के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
कांस्टेबल सतीश की ड्यूटी अनंतनाग जिले की हिलर पोस्ट पर थी। वीरवार शाम साढ़े छह बजे से साढ़े आठ बजे तक वह ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान शाम करीब 7 बजकर 47 मिनट पर पोस्ट से गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
आवाज सुनकर आसपास तैनात जवान मौके पर पहुंचे तो देखा कि सतीश जमीन पर पड़े हुए थे और उनके सिर में गोली लगी हुई थी। उनकी इंसास राइफल भी पास पड़ी थी।
गोली सिर के आर-पार हुई थी। बाद में पता चला कि पिस्टल साफ करते समय गोली दगने से सतीश की मौत हुई। हालांकि मामले की वास्तविक वजह जानने के लिए स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच कर दी है। घटना की सूचना मिलने के बाद अनंतनाग पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को पूरे सम्मान के साथ रेवाड़ी रवाना किया गया।
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सतीश परिवार के इकलौते कमाने वाले थे सदस्य:
गांव के सरपंच अशोक कुमार ने बताया कि सतीश करीब एक माह पहले छुट्टी पर गांव आए थे। छुट्टी पूरी होने के बाद वह वापस ड्यूटी पर लौट गए थे और लगातार परिवार से संपर्क में रहते थे। सतीश ने घटना से करीब 47 मिनट पहले परिवार से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने घर में सब कुछ ठीक होने की बात कही थी। परिवार को क्या पता था कि कुछ ही देर बाद ऐसी दुखद खबर सुनने को मिलेगी। जवान की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। सतीश परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, 14 साल और 4 साल के दो बेटे तथा 10 साल की एक बेटी है। करीब एक साल पहले उनके पिता का भी बीमारी के चलते निधन हो चुका है।