संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार ने इस बार भी रक्षाबंधन पर बसों में मुफ्त यात्रा की सौगात महिलाओं को दी है। यह सुविधा रविवार की दोपहर 12 बजे से शुरू हो गई। इसका लाभ लेने के लिए भाइयों को राखी बांधने के लिए जाने वाली महिलाएं बस स्टैंड पर उमड़ पड़ीं। भीड़ इस कदर थी कि कई महिलाएं बसों में नहीं घुस पाईं। जो बस पर सवार हुईं, उन्हें बैठने की जगह नहीं मिली जिससे उन्हें खड़ा होकर यात्रा करनी पड़ी।
रक्षाबंधन के मद्देनजर रविवार की दोपहर से महिलाओं को 15 वर्ष तक के बच्चों के साथ मुफ्त बस सेवा की सुविधा दी गई। तमाम महिलाएं सुबह ही बस स्टैंड पहुंच गई। वहां पता चला कि मुफ्त सेवा 12 बजे से शुरू होगी। यह जानकारी होने के बाद उन्हें दूसरे साधनों से भाइयों के घर जाना पड़ा। दोपहर 12 बजे तक बस स्टैंड परिसर में महिलाओं की भीड़ उमड़ी पड़ी। अगल-अलग रूट की बसों के प्लेटफार्म पर लगते ही उसमें सवार होने की यात्रियों में होड़ लग गई। पुरुष यात्रियों ने पहले ही बसों में घुसकर सीट ले ली। बाद में बसों में घुसी महिलाओं को जगह नहीं मिली। इसके चलते उन्हें बसों में खड़ा होकर यात्रा करनी पड़ी। विशेष रूप से महिलाओं के लिए मुफ्त यात्री की सुविधा दी गई है लिहाजा महिलाओं की सहूलियत के लिए महिला पुलिस की व्यवस्था होनी चाहिए थी ताकि वे आसानी से बसों में सवार हो सकें, लेकिन ऐसा प्रबंध नहीं किया गया था। सबसे अधिक परेशानी बच्चों के साथ पहुंची महिलाओं को हुई। स्थिति यह थी कि जैसे ही कोई बस आकर रुकती, उसमें सवार होने के लिए लोग दौड़ पड़ते। बसों में पहले सवार होने के लिए धक्कामुक्की होती रही। कई महिलाओं को बसों में नहीं घुस पाईं। रोडवेज की तरफ से डेढ़ सौ से अधिक बसें चलाई गईं। करीब 50 हजार से ज्यादा लोगों ने सफर किया।
महिलाएं बोलीं-सुबह से देनी चाहिए थी मुफ्त बस सेवा
सरकारी और निजी बसों में रविवार दोपहर 12 बजे से मुफ्त यात्रा सेवा उपलब्ध करवाने के कारण महिलाओं को परेशानी हुई। जो महिलाएं भाइयों के यहां जाने के लिए सुबह ही घरों से निकल पड़ी थीं, उन्हें दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। यात्री पूनम, अनीता और रजनी ने बताया कि वह सुबह 9 बजे बस स्टैंड पर पहुंच चुकी थीं। उन्हें गुरुग्राम के लिए जाना था। पता चला की फ्री बस सुविधा दोपहर 12 बजे के बाद शुरू होगी। सोचने वाली बात है 12 बजे तक कौन फ्री सेवा का इंतजार करेगा। क्योंकि सुबह के समय गर्मी कम होती है। ऐसे में महिलाएं सुबह के समय में ही निकल जाती हैं। 12 बजे फ्री बस सेवा देना केवल खानापूर्ति की गई है। वहीं, कई निजी बस चालकों ने महिलाओं ने मनमाना किराया मांगा। इसको लेकर झड़प भी हुई। जब महिलाओं ने विरोध करते हुए कहा कि उनके लिए निजी व सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा दी गई है तो परिचालकों ने पैसा मांगना बंद कर दिया।
ट्रेनों में भी रही भीड़, महिलाओं को हुई परेशानी
रक्षाबंधन के चलते ट्रेनों में भी यात्रियों की भीड़ रही। बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष ट्रेन से यात्रा करने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। ट्रेनों की जनरल बोगी जबरदस्त भीड़ थी और उसमें खड़ा होने तक की जगह नहीं थी। जनरल बोगी के दरवाजे पर भी यात्री बैठे हुए थे। स्टेशन पर ट्रेन आते ही जनरल होगी में सवार होने के लिए यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तमाम महिलाएं बोगी में नहीं घुस पाईं। महिलाओं के साथ बच्चे भी थे, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा । रेवाड़ी से 30 हजार से अधिक लोगों ने जनरल टिकट लेकर ट्रेनों में सफर किया।
वर्जन :
महिलाओं के लिए निशुल्क बस सेवा आज रात 12 तक जारी रहेगी। समय-समय पर लोगों को बसें मिल रही थीं। त्योहार के मद्देनजर चालक परिचालकों के अवकाश रद्द किए गए हैं।-देवदत्त, महाप्रबंधक, रोडवेज रेवाड़ी।