हरियाणा-राजस्थान की सीमा से सटे गांव नंदरामपुर बास के किसान राजस्थान के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले दूषित और रसायन युक्त पानी के कारण परेशानी में हैं। करीब छह माह से बार-बार आ रहे दूषित पानी से किसानाें की 40 एकड़ से अधिक जमीन खराब हो गई है।
दूषित पानी रोकने की मांग को लेकर किसान दो बार उपायुक्त को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसे इस बार न तो सरसाें की बिजाई हो पा रही है सरपंच सतबीर सिंह, किसान विरेंद्र कुमार, ईश्वर सैन, राजेंद्र सिंह, श्यामलाल, रतन सिंह, ओमप्रकाश, रोहताश, मंगलराम, लीलाराम, दयराम, अभय सिंह आदि ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र से बार-बार हरियाणा की सीमा में दूषित पानी छोड़ा जा रहा है।
जब किसान शिकायत करते हैं तो पानी को रोक दिया जाता है। इसके कुछ दिनों बाद फिर मौका पाकर पानी छोड़ दिया जाता है। उपायुक्त की ओर से भरोसा दिया गया था कि 28 सितंबर को अलवर के अधिकारियाें से बातचीत कर समाधान कराया जाएगा, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। हालांकि पटवारी की ओर से खेतों का दौरा कर उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी दी गई है, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं होने से किसानाें में भारी रोष है।
रास्तों में भी जमा हो गया पानी
दूषित पानी किसानाें के खेताें के साथ-साथ अब खेतों के मैन रास्तों में भी जमा हो गया है। जिससे किसानाें को खेतों में जाने के लिए पानी के अंदर से जाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, आए दिन वाहन भी रास्ते में धंस जाते हैं।
दूषित पानी सूखने तक नहीं होगी बिजाई
दूषित पानी खेताें में खड़ा होने के कारण किसान अपने खेतों में सरसों की बिजाई नहीं कर सकेंगे। गांव के 80 फीसदी किसानाें का व्यवसाय खेती है। ऐसे में बिजाई नहीं होना किसानों के लिए परेशानी है। दूषित पानी से खेत भी बंजर होने के कगार पर है।