कभी महज अपने खान-पान और अल्हदा बोली भाषा के लिए देश भर में पहचान रखने वाला हरियाणा पिछले कुछ समय से क्राइम को लेकर चर्चा में है। खासकर पीतल नगरी में देसी कट्टों के अलावा बड़ी तादाद में ऑटोमैटिक पिस्टल भी वारदातों में उपयोग में लाई जा रही हैं।
हाल में शहर में हुई फायरिंग की वारदात और कोसली और खोल में असलहों के बल पर हुई लूट ने एक बार फिर से शहर में अवैध हथियार की आवक के मसले को उठा दिया है। बेहद विश्वसनीय अधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रदेश और खासकर रेवाड़ी की सीमा में उत्तर प्रदेश से असलहे आ रहे हैं। विशेष बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में ऑटोमैटिक पिस्टल ही हैं। जिले में जनवरी माह से अब तक 62 अवैध हथियार और 128 कारतूस पुलिस ने बरामद किये हैं। इनमें बड़ी तादाद ऑटोमैटिक वैपन की है।
कानपुर में हैं ऑटोमैटिक हथियारों की कई फैक्ट्री
उत्तर प्रदेश में कानपुर आयुध निर्माण के लिए देश भर में जाना जाता है। वहां कालपी रोड के दोनों तरफ कई सौ एकड़ में फील्ड गन फैक्ट्री, आर्डिनेंस फैक्ट्री और स्माल आम्र्स फैक्ट्री हैं, जहां बड़ी तादाद में असलहे तैयार किये जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ के दौरान यूपी और खासकर कानुपर से असलहे सस्ते दामों पर मिलने की बात कबूली है। ये सभी असलहे ऑटोमैटिक होते हैं, जिनमें रिवॉल्वर और पिस्टल होती हैं।
आर्म्स फैक्ट्री से निकलते हैं पार्ट, बाहर असेंबल
पूछताछ में यह भी बात सामने आई है कि आयुध फैक्ट्रियों से बड़ी तादाद में असलहों के पार्ट चोरी-छिपे बाहर निकाले जाते हैं। इनमें से की पार्ट ऐसे होते हैं जो या तो डैमेज होते हैं या फिर दिखाए जाते हैं। अलग-अलग स्तर पर पूरी रिवाल्वर या पिस्टल के पार्ट बाहर निकाले जाते हैं। जिन्हें बाहर लोकल हैंड पर असैंबल किया जाता है।
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अपराधियों के पास ऑटोमैटिक हथियारों की तादाद पहले से ज्यादा है और यह बड़ी चिंता का विषय है। पुलिस की विशेष टीम इस सिंडीकेट के पीछे लगी है। जल्द ही गिरोह का भंडाफोड़ होगा।
-मो.जमाल, डीएसपी, रेवाड़ी